
कोटा. आम तौर पर अभाव में रहकर जीवन बसर करने वाले बच्चों की प्रतिभाएं सामने नहीं आती, लेकिन यदि उन्हें जरा सा संबल दिया जाए और उनकी प्रतिभा को निखारने का प्रयास किया जाए तो आगे वे अपना रास्ता स्वयं बनाने की हिम्मत रखते हैं। कुछ एेसा ही जज्बा शनिवार को आर्ट गैलेरी में पेंटिंग व मांडना बनाते बच्चों में दिखाई दिया।
एक सधे हुए कलाकार की तरह हाथ में ब्रश थामे एकाग्रचित होकर अपनी चित्रकला का प्रदर्शन करते आर्थिक दृष्टि से कमजोर परिवारों के बच्चों ने एेसी पेंटिंग बनाई की हर कोई देखता रह गया।
कोटा हैरीटेज सोसायटी व सचेतन संस्था की ओर से इन बच्चों को कला का प्रदर्शन करने के लिए शनिवार को आर्ट गैलेरी में आमंत्रित किया गया।
इन बच्चों को मांडना, पेपर बैग, स्टोन पेंटिंग, कैनवास पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण दिया सचेतन संस्था की सचिव भारती गौड़ व कविता आर्टशाला की निदेशक कविता परिहार ने।
परिहार ने बताया कि बच्चों ने यहां वेस्ट मैटेरियल से विभिन्न प्रकार की सजावटी वस्तुएं तैयार की। स्टोन पेंटिग में पत्थरों पर मनमोहक डिजाइन बनाई।
भारती ने बताया कि घोड़ा बस्ती के बच्चों को ब्लॉक प्रिंटिंग व बैग मेंकिंग का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें पोलीटेक्निक कॉलेज से टैक्सटाइल में डिप्लोमा करने के बाद श्रुति हाड़ा, निधि शृंगी व शाहिबा खान ने भी अहम भूमिका निभाई। शनिवार को आर्ट गैलेरी में भी तीनों छात्राएं बच्चों के मार्गदर्शन के लिए मौजूद रही।
सोचा अपनी कला दूसरों के काम आए
थर्मल कॉलोनी निवासी कविता परिहार ने बताया कि वे गृहिणी है। टैक्सटाइल डिजाइनिंग तथा ड्रॉइंग व पेंटिंग में डिग्री लेने के बाद खाली बैठना कुछ अजीब लग रहा था।
यही सोचकर पहले थर्मल कॉलोनी के बच्चों को ड्रॉइंग व पेंटिंग सिखाई। इसके बाद घर के पास से ही गुजरकर सरकारी स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को देखा तो उन्हें अपना हुनर सिखाने का मन हुआ। उनके अभिभावकों से बात की।
कविता ने बताया कि वे करीब 4 साल से प्रतिदिन तीन घंटे आर्थिक दृष्टि से कमजोर परिवारों के बच्चों को वेस्ट मैटिरियल से विभिन्न वस्तुएं बनाने व पेंटिंग का नि:शुल्क प्रशिक्षण दे रही हैं। बच्चों की सीखने की लगन व मेहनत को देखकर खुशी होती है। उन्होंने बताया कि अपनी कला यदि दूसरों के काम आए तो इससे अच्छी बात क्या हो सकती है।
कैनवास पर भी उतरे रंग
आर्ट गैलेरी में शनिवार को बंसल स्कू ल तथा बख्शी स्प्रिंगडेल्स स्कूल के बच्चों ने भी पेंटिंग कार्यशाला में भाग लिया। कोटा हैरिटेज सोसायटी की कोषाध्यक्ष विक्टोरिया ने बताया कि इन स्कूलों के बच्चों ने कैनवास पेंटिंग बनाई। पेंटिंग की थीम जंगल की हरियाली रखा गया था।
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