मन जो लागा मिली जिंदगी
कोटा. ‘तोसे नैना लागे तो मिली रोशनी, तोसे मन जो मिला तो मिली जिंदगीÓ कोटा निवासी युवा संगीतकार क्षितिज तारे का मन संगीत से भी कुछ इसी तरह से लगा और वे संगीत से मोहब्बत कर बैठे।क्षितिज संगीत की दुनिया में सुरों का जलवा बिखेर रहे हैं। कोटा आए क्षितिज ने पत्रिका से खास बातचीत की। लम्हा, मर्डर टू, दस कहानियां समेत अन्य फिल्मों में वे गा चुके हैं। क्षितिज आशा भौसले व केके की गायिकी के मुरीद हैं। क्षितिज ख्यात शिक्षाविद् डॉ. गणेश तारे के बेटे हैं।
खुद को रखो तैयार
किसी भी क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए खुद को तैयार करना जरूरी है । मायानगरी को अपना काम दिखाना होता है तो वह स्वीकार कर लेती है। जीवन के हर क्षेत्र में रियाज, तैयारी, सीखने की ललक जरूरी है। ईश्वर की कृपा रही कि बालीवुड में पैर जमाने के लिए स्ट्रगल नहीं करना पड़ा। उन्हें फिल्मी गीतकार सईद कादरी का बहुत सहयोग मिला। वे उन्हें अपना गॉड फादर मानते हैं। पहले गिने चुने गायक होते थे, आज एेसा नहींं है। बदलाव आ रहा है। सोशल मीडिया, यू ट्यूब, लाइव शो व एलबम समेत अन्य चीजें हैं, जिनसे नवोदित प्रतिभाएं सामने आ रहीं हैं। एेसे आयोजित शहर, गांव व कस्बे के स्तर पर भी होने चाहिए। इससे युवा प्रतिभाओं को हौसला बढ़ता है।