डाक्टरों पर लाठीचार्ज व राइट टू हैल्थ बिल का विरोध में भूख हड़ताल पर बैठी महिला चिकित्सक डॉ. नीलम की गुरुवार को तबियत बिगड़ बिगडऩे के बाद पुलिस ने देर रात भारी पुलिस जाब्ते के बीच चिकित्सक को तलवण्डी स्थित निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया है। चिकित्सा विभाग की टीम ने महिला चिकित्सक के स्वास्थ्य की जांच कर दिन में ही अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी थी, लेकिन महिला चिकित्सक भर्ती नहीं होने पर अड़ गई। शाम को अनशन स्थल पर चिकित्सक सुंदरकाण्ड का पाठ कर रहे थे। इसी बीच पुलिस का भारी जाप्ता मौके पर पहुंचा और महिला चिकित्सक को अस्पता में भर्ती कराया।
धरना स्थल पर डॉ.अशोक शारदा ने बताया कि अनशन के तीसरे दिन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा दल ने डॉ. नीलम खंडेलवाल का निरीक्षण किया और उन्हें अनशन तोडऩे की सलाह दी। हड़ताली चिकित्सकों ने सरकारी दल व पुलिस को लौटा दिया। गुरुवार को डॉ.ललित गोयल, डॉ.अनुराग चित्तौड़ा और गौरव जैन भी अनशन पर बैठे। विज्ञान नगर एलिवेटेड रोड के नीचे अनशन स्थल सद्भावना चौक पर चिकित्सकों का हुजूम लगा रहा। डॉ. संजय जायसवाल ने बताया कि चिकित्सा मंत्री का विरोध जताने के लिए सभी चिकित्सकों ने काले कपड़े पहन रखे थे। चिकित्सकों ने कहा कि आरटीएच वापस लिए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। रेजिडेंट डॉक्टर्स को हड़ताल से वापस लौटने के लिए दबाव की रणनीति के तहत बर्खास्तगी की चेतावनी दी जा रही है। अनशन को कई चिकित्सकों ने संबोधित किया। धरना स्थल पर व्यापार महासंघ से राकेश जैन और सचिव अशोक माहेश्वरी ने भी चिकित्सकों से चर्चा की।