
ऑनलाइन ठगों ने लगाई सेंध, पुलिस ने बचा लिए जीवन भर की कमाई के 4 लाख
कोटा.ऑनलाइन ठग के झांसे में आकर बैंक खाते का ओटीपी देने वाले निजी कंपनी के कर्मचारी के पेंशन के चार लाख रुपए पुलिस की सर्तकता से उस समय बच गए, जब थानाधिकारी ने मामले की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बैंक अधिकारियों से संपर्क कर खाते से रुपयों का ट्रंासफर रूकवा दिया।
कोटा ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यन्त ने बताया कि थाना रामगंजमंडी पर एएसआई कंपनी से सेवानिवृत बजरंग लाल ने 1 दिसम्बर को दर्ज करवाई रिपोर्ट में बताया कि उसके मोबाइल पर अज्ञात बदमाश ने कॉल कर उसका ओटीपी जान लिया और पेंशन में मिले 4 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रंासफर कर लिए। इस मामले में सूचना पर रामगंजमंडी थानाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि जिले की सायबर सैल से समन्वय बनाकर घटना की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी कार्रवाई करते हुए संबंधित वेलेट एवं बैंक के नोडल अधिकारी से संपर्क कर फरियादी बजंरग लाल के खाते से रुपए निकलने से पूर्व ही खाते में रुकवा दिए। ऐसे में बजरंग लाल ऑनलाइन ठगी से बाल-बाल बच गया।
ऐसे बचे ऑनलाइन ठगी से
ऑनलाइन फ्राड से बचने के लिए ठगों द्वारा अपनाई जाने वाली इन कॉमन ट्रिक्स का ध्यान रखकर ठगी से बचा जा सकता है। कभी भी एटीएम, बैंक खाता, वेलेट, ओटीपी की जानकारी किसी से भी सांझा नहीं करें। बैंक कर्मचारी से भी नहीं। बैंक या उसके कर्मचारी आपसे खाते, एटीएम व ओटीपी के बारे में नहीं पूछते। किसी अनजान के मोबाइल से प्राप्त किसी भी लिंक को नहीं खोले। एनीडेस्क, टीमव्यूवर, मेरर एप्लीकेशन के उपयोग से बचें।
गूगल सर्च इंजन पर कस्टमर केयर के नाम पर बहुत से फ्राड करने वाले ठगों ने अपने फ्राड वाल डाल रखे है। इन नंबरों पर संपर्क करने पर आपसे तुरंत संपर्क कर आपकी बैंक संबंधी गुप्त जानकारियां एकत्र की जाती है। मार्केट से स्टोर से खरीदारी के समय बहुत से लोग झांसा देते है कि वो आर्मी पर्सन है, ऐसे झांसा देने वाले से सावधान रहे। एडंवास पेमेंट मंगवा लेते है और सामान नहीं देते है। ऑनलाइन शॉपिग ऐप के माध्यम से लॉटरी या लक्जरी कार निकलने के नाम पर रुपए देने से बचें। इसके अलावा बैक लोन/जॉब के नाम पर अज्ञात व्यक्ति के खाते में रुपए नहीं जमा करवाएं।
Published on:
02 Dec 2019 09:00 pm

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