
- बेहटा गांव के पास पहुंचे बोत्सवाना के नर.मादा चीतेए पहुंचने के कुछ घंटे बाद किया बकरी का शिकार
- कूनो की ट्रेकिंग टीम ने सेटेलाइट से लोकेशन ट्रेस कर बारां वन विभाग को दी सूचना
बारां. कूनो नेशनल पार्क के अफ्रीकी चीतों का बारां जिले के जंगलों की ओर मूवमेंट लगातार बना हुआ है। बारां के जंगलों का वातावरण और यहां उपलब्ध शिकार चीतों के लिए अनुकूल नजर आ रहा है। बुधवार सुबह बोत्सवाना के नर.मादा चीते ओएकेडी-1 और ओएकेडी-2 पहली बार शाहाबाद क्षेत्र के बेहटा गांव के पास पहुंचे। खास बात यह रही कि क्षेत्र में पहुंचने के कुछ घंटे बाद ही दोनों चीतों ने एक बकरी का शिकार कर भोजन किया।
कूनो नेशनल पार्क की ट्रेकिंग टीम ने बुधवार सुबह सेटेलाइट से दोनों चीतों की लोकेशन ट्रेस की। इसमें दोनों चीते शाहाबाद क्षेत्र के जंगल में दिखाई दिए। इसके बाद कूनो की टीम ने बारां वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही शाहाबाद रेंजर मुकेश कुमार सुमन टीम के साथ मौके पर पहुंचे और चीतों की निगरानी शुरू की।
- पहुंचते ही किया बकरी का शिकार
दोनों चीते सुबह बेहटा गांव के करीब पहुंचे थे। दोपहर में उन्होंने एक बकरी का शिकार किया और भोजन किया। बेहटा गांव से मध्यप्रदेश की सीमा करीब 12 किलोमीटर दूर है। बताया गया कि दोनों चीते तडक़े ही क्षेत्र में पहुंच गए थे, लेकिन उस समय ग्रामीणों की नजर उन पर नहीं पड़ी।
सूचना मिलने के बाद शाहाबाद रेंजर मुकेश कुमार सुमन टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उस समय तक कूनो नेशनल पार्क की टीम मौके पर नहीं पहुंच पाई थी। वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में निगरानी शुरू कर दी।
- पहली बार बारां के जंगल में पहुंचे दोनों चीते
ओएकेडी-1 और ओएकेडी-2 पहली बार बारां जिले के जंगल में पहुंचे हैं। दोनों को 28 फरवरी 2026 को बोत्सवाना, अफ्रीका से भारत लाया गया था। नौ चीतों की यह खेप हवाई मार्ग से पहले ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन पहुंची थी। इसके बाद भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों से इन्हें कूनो नेशनल पार्क लाया गया।
यह प्रोजेक्ट चीता के तहत अफ्रीका से भारत लाई गई तीसरी बड़ी खेप थी। इसमें छह मादा और तीन नर समेत कुल नौ चीते शामिल थे। मई 2026 से बोत्सवाना से लाए गए चीतों को करीब एक माह क्वारंटीन रखने के बाद खुले जंगल में छोड़ा जाना शुरू किया गया था।
- पहले भी बारां पहुंच चुके हैं कूनो के चीते
बारां जिले के जंगल कूनो के चीतों के लिए नए नहीं हैं। इससे पहले भी मादा चीता तीन बार बारां के जंगलों में मूवमेंट कर चुकी है। उसके शावक केपी-1, केपी-2 और केपी-3 भी कई बार इन जंगलों में पहुंचे हैं।
वन विभाग के अनुसार, बारां के जंगलों में खुले घास के क्षेत्र मौजूद हैं। यहां हिरन, चीतल, सांभर, नीलगाय के बच्चे और खरगोश जैसे छोटे जानवर भी उपलब्ध हैं। यही वजह है कि कूनो से निकलने वाले चीते बारां के जंगलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
- बोत्सवाना के नर-मादा चीतों के बारां के शाहाबाद क्षेत्र में पहुंचने की सूचना सुबह कूनो नेशनल पार्क की टीम से मिली थी। सूचना मिलते ही शाहाबाद रेंजर मुकेश सुमन को टीम के साथ मौके पर भेजा गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर चीतों को कवरगार्ड दिया। जब तक चीतों का इस क्षेत्र में मूवमेंट रहेगा, वन विभाग के तीन कर्मचारी लगातार उनकी निगरानी करेंगे।
- बड़े विवेकानन्द माणिक रावए उप वन संरक्षकए बारां
Updated on:
27 Aug 2026 06:01 am
Published on:
27 Aug 2026 06:01 am
