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शनि की वक्र दृष्टि का शिकार हुई 'विराट सेना' चैम्पियंस ट्राफी का फाइनल मुकाबला बुरी तरह हार गई। मैच शुरू होने से पहले ही कोटा के ज्योतिषाचार्यों ने इस हार की भविष्यवाणी कर दी थी। उन्होंने कहा था कि टीम इंडिया को को जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। शनि कर्मफल दाता हैं, ऐसे में उनका जाल कड़ी मेहनत से ही काटा जा सकता है।
कर्मों के हिसाब से फल देने वाले ग्रह शनि 20 जून की रात वक्री होंगे, यानी उल्टी चाल चलना शुरू करेंगे। ऐसे में वह धनु राशि से निकल वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिर्विदों के अनुसार, शनि ने इसी वर्ष 26 जनवरी को धनु राशि में प्रवेश किया था, लेकिन इसके चार माह बाद 7 अप्रेल को वापस उल्टी चाल शुरू कर दी थी, जो 20 जून को वक्र गति से वृश्चिक में प्रवेश करेंगे।
शनि के जाल में ऐसे फंसी विराट सेना
शनि 20 जून की रात 4.41 बजे वक्री होकर वृश्चिक राशि में पहुंचेंगे, लेकिन इसका प्रभाव कई दिन पहले ही पड़ना शुरू हो गया है। ऐसे में जिन राशियों में शनि वक्री होता है उनके जातकों को कड़ी मेहनत के बाद ही अच्छा फल मिलता है। उनकी जरा सी चूक या गलती उनके पूरे प्रयासों पर भारी पड़ सकती है।ज्योतिषियों के मुताबिक 'विराट सेना' भी शनि की वक्री चाल में फंस चुकी है।
मैच शुरु होते ही दिखा असर
ज्योतिषियों की मानें तो विराट इस वक्त शनि की वक्र दृष्टि की चाल में फंस गए हैं, तभी तो टॉस जीतने के बाद उन्होंने पहले पाकिस्तान को बल्लेबाजी का मौका दिया। जबकि ओवल के जिस ग्राउंड पर मैच खेला जा रहा है वहां की पिच और फील्ड के बारे में विराट अच्छे से जानते थे कि जो पहले बैटिंग करेगा उसे जीतने में आसानी होगी।
सच साबित हुई भविष्यवाणी
ज्योतिषियों ने भविष्यवाणी की थी कि पाकिस्तान की राशि में शनि सीधी चाल चल रहा है। इसलिए उन्हें बड़ा स्कोर खड़ा करने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। वहीं फील्डिंग भी उनकी अच्छी रहेगी, लेकिन विराट सेना के बॉलरों का ध्यान भटका तो उनकी लाइन-लेंथ बिगड़ सकती है। जिसका फायदा उठाकर पाकिस्तानी खिलाड़ी बॉल को बाउंड्री तक पहुंचाने में देर नहीं लगाएंगे। फील्डिंग में भी जरा सी गलती विराट सेना को खासी भारी पड़ेगी। बैटिंग भी खास नहीं चलेगी और हुआ भी ऐसा ही। विराट सेना ओवर कॉन्फिडेंस का ऐसा शिकार हुई कि विरोधी टीम को मौके पर मौके देती रही। भारतीय टीम की हार के साथ ही कोटा के ज्योतिषाचार्यों की भविष्यवाणी सही साबित हो गई।
चंद्रमा भी बना हार का कारण
शनि के साथ ही भारतीय क्रिकेट टीम का चांद भी गर्दिश में चला गया। कोटा के ज्योतिषाचार्य शिव प्रकाश दाधीच ने बताया कि रविवार को भारत का चौथा चंद्रमा था। जिसे अशुभ माना जाता है। इसी चंद्रमा ने भारतीय कप्तान के मन को कमजोर कर गलत फैसले करवाए। वहीं पाकिस्तान का सातवां चंद्रमा था, जो सफलता दिलाने में विशेष सहयोगी बना। उसने टॉस हारने के बावजूद पाकिस्तान के कप्तान को सही रणनीति बनाने मदद देकर उन्हें जीत दिलाई।
Published on:
18 Jun 2017 09:30 pm
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