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Rajasthan Assembly Election: नदी किनारे ‘गांव’ रे… फिर भी पानी की ‘प्यास’ रे, लाडपुरा में नहीं विकास की ‘छांव’ रे

Rajasthan Assembly Election 2023: जीवनदायिनी कहलाने वाली चंबल नदी के किनारे पर बसे शहर में पानी की समस्या होना हर किसी को अचरज में डाल देता है। मुझे भी यह सुनकर हैरानी हुई, लेकिन यह सच्चाई है कोटा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के राजीव गांधी नगर व इंद्र विहार की।

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कोटा

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Akshita Deora

Jun 03, 2023

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शादाब अहमद/कोटा. Rajasthan Assembly Election 2023: जीवनदायिनी कहलाने वाली चंबल नदी के किनारे पर बसे शहर में पानी की समस्या होना हर किसी को अचरज में डाल देता है। मुझे भी यह सुनकर हैरानी हुई, लेकिन यह सच्चाई है कोटा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के राजीव गांधी नगर व इंद्र विहार की।

मुझे कोटा उत्तर की तरह दक्षिण में भी कोटा स्मार्ट सिटी मिशन और यूआईटी के बजट से भरपूर विकास कार्य हुए मिले। खासतौर पर यहां बनाया गया ऑक्सीजोन पार्क कोटावासियों के लिए विशेष सौगात है। यहां से मैं चमचमाती सडक़ और चौराहों से होकर जब राजीव गांधी नगर पहुंचा तो पानी के टैंकर खरीदने की बातें सुनने को मिली। बाहर से आए हजारों विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई के साथ पानी का इंतजाम भी अपने आप में बड़ी समस्या है। यहां पर जनरल स्टोर चलाने वाले किशोर शर्मा ने कहा कि यहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी रहते हैं, लेकिन उतने अनुपात में पेयजल नहीं मिल पाता है।
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किशोर का कहना है कि स्मार्ट सिटी मिशन का पैसा पेयजल वितरण के लिए मंजूर हुआ, लेकिन राज्य सरकार ने इसे पानी के उत्पादन में लगाने को मंजूरी दे दी। इसकी जानकारी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लगी तो उन्होंने दिल्ली में स्मार्ट सिटी मिशन की विशेष बैठक बुलाकर कोटा दक्षिण क्षेत्र में पेयजल वितरण की समस्या का समाधान करवाया। ओवरहेड टैंक के निर्माण और पेयजल आपूर्ति लाइन बिछाने के लिए टेंडर हो चुके हैं। अगले कुछ महीने में काम पूरा होने के बाद इससे पानी की आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। जब हम मेडिकल कॉलेज रोड पर पहुंचे तो किशन राठी ने भी पानी की समस्या बताई।

बरसों तक लोग रखेंगे याद
केशवपुरा में रहने वाले चेतन महावर ने कहा कि कोटा शहर के किसी एक क्षेत्र में नहीं, बल्कि सभी जगह विकास कार्य करवाए हैं। रिवर फ्रंट, ऑक्सीजोन पॉर्क जैसे कार्यों से रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इन कार्यों को लोग बरसों तक याद करेंगे। महंगाई राहत शिविर चल रहे हैं, जिनमें दस तरह की राहत दी जा रही है। हमें बिजली में सब्सिडी मिल रही है। चिरंजीवी योजना के तहत ताऊजी का दो बार ऑपरेशन करवा चुके हैं।
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विकास की दौड़ में पिछड़ा लाडपुरा
जहां कोटा उत्तर व दक्षिण में विकास की रफ्तार को पंख लगे हुए हैं, वहीं लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र तुलनात्मक रूप से इस दौड़ में पिछड़ गया है। लाडपुरा का कुछ क्षेत्र शहरी है तो कुछ ग्रामीण है। यहां सेवानिवृत्त शिक्षक नंदकिशोर से मुलाकात हुई। नंदकिशोर का कहना था कि शहरी इलाकों में फिर भी सडक़ें, चौराहे निर्मित हुए हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में कई जगह सडक़ों के हाल खराब है। गांवों के लोग गर्मी के मौसम में पानी की समस्या से भी जूझ रहे हैं।

महंगाई ज्यादा, घर चलाना मुश्किल
आगे बढ़े तो फल का ठेला लगाने वाले मोहन सैनी से बात हुई। मोहन सैनी का कहना था कि महंगाई बहुत ज्यादा है। आम आदमी के लिए घर चलाना मुश्किल हो रहा है। महंगाई राहत शिविर के बारे में सुना है, लेकिन वहां अभी तक गए नहीं है। हमें 50 यूनिट बिजली पर सब्सिडी मिल रही है। 100 यूनिट बिजली का फैसला मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किया है, जिसके बारे में हमें नेट के जरिए खबर मिली है।

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