
कोटा का ये इलाका तोड़ रहा सर्दी के रिकॉर्ड, पारा इतना गिरा
कोटा. शहर में सर्दी हाड़ कंपा रही है। शीतलहर के कारण गलन बनी हुई है। सर्दी से बचने के लिए अलाव ही सहारा है। स्टेशन क्षेत्र में न्यूनतम पारा 2.5 पर टिका हुआ है, जबकि नए कोटा क्षेत्र में न्यूनतम पारा दो डिग्री चढ़कर 6.3 पर पहुंच गया है।
रविवार को सुबह-शाम ज्यादा सर्दी रही, जबकि दिन में तेज धूप खिलने से सर्दी का असर कम रहा। हालांकि सर्द हवाएं चलने से लोग ऊनी कपड़ों में रहे। दुपहिया वाहन चालकों को अधिक परेशानी रही। तेज सर्दी के कारण घरों व बाजारों में लोगों के लिए अलावा ही सहारा बने हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के अधिकतर भागों में 21 दिसम्बर से शीतलहर से राहत मिलने के आसार हैं। अधिकतम तापमान 24.5 व न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा की रफ्तार 2 किमी प्रति घंटे की रही। विजिबिलिटी 2 हजार मीटर की रही।
शीतलहर का प्रभाव
1. फ्लू या नकसीर जैसी विभिन्न बीमारियों की संभावना बढ़ सकती है, जो आमतौर पर ठंड के लंबे समय तक सम्पर्क में रहने के कारण होती या बढ़ जाती है।
2. कंपकंपी को नजरअंदाज नहीं करें। यह पहला संकेत है कि शरीर गर्मी खो रहा है। घर के अंदर ही रहें।
3. ठंड के लम्बे समय तक सम्पर्क में रहने के कारण शीतदंश हो सकता है। त्वचा पीली, कठोर और सुन्न हो जाती है। काले रंग के छाले अंगुलियों, पैर की उंगलियों, नाक या कान की बाली जैसे शरीर के हिस्सों में दिखाई देते है। गंभीर शीतदंश को तत्काल चिकित्सा उपचार की आवश्यकता होती है।
यह करें उपाय
1. हाथों में दस्ताने व पैरों में मौजे-जूते पहनें
2. त्वचा को तेल, बॉडी क्रीम से मॉइस्चराइज करें।
3. विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं और पर्याप्त इम्युनिटी बनाए रखने के लिए तरल पदार्थ पीयें।
4. बाहरी गतिविधियों से बचें या सीमित करें।
5. गुनगुने पानी का प्रयोग करें। हीटर का उपयोग करते समय वेंटिलेशन बनाए रखें।
Published on:
20 Dec 2020 07:57 pm
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