
कोटा में स्मृति ईरानी बोली 'कुपोषित मां और शिशु के लिए इतिहास में पहली बार हुई पहल,लोकसभा अध्यक्ष,पीएम का किया अभिनंदन'
कोटा. कुपोषण मुक्त भारत की मुहिम की शुरुआत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र से हुई । लोकसभा अध्यक्ष की पहल पर सामाजिक संगठनों के सहयोग से कुपोषित बच्चों का जन्म नहीं हो, इसके लिए 'सुपोषित मां अभियान शनिवार से शुरू किया । अभियान का आगाज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने किया उन्होंने कहा की यहां शुरू की गई मुहिम की अलख पूरे देश में जगेगी।
इससे से पहले एयरपोर्ट पहुंचे स्मृति ईरानी और ओम बिरला का भव्य स्वागत किया गया । एयरपोर्ट से दोनों सीधे भामाशाहमंडी में आयोजित कार्यक्रम स्थल की ओर रवाना हुए जहां कोटा ग्रेन एण्ड सीड्स मर्चेन्ट्स एसोसिएशन और विभिन्न संगठन द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया ।
पीएम का अभिनंदन'
केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानीने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा की 'कुपोषित मां और शिशु के लिये इतिहास में पहली बार पहल हुई , मोदी सरकार ने इस काम के लिये 9000 करोड़ का प्रावधान किया, कोटा में सुपोषण मां अभियान के लिये स्पीकर,पीएम का अभिनंदन'करती हूं।
कोटा में सुपोषण अभियान का शुभारंभ करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र की हर महिला को सूचित किया जाएगा। इसके लिए गांव ढाणी में सर्वे किया जाएगा। दूसरे राज्यों के सांसदों से भी इस तरह का अभियान चलाने का आग्रह किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कोटा में हुए इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताया उन्होंने कहा आज मात्र सम्मान के रूप में कोटा को नई पहचान मिली है।
1000 महिलाओं व किशोरियों से होगी शुरुआत
जननी सोशल एण्ड हैल्थ संस्था के डॉ. विपिन योगी व डॉ. सुनीता योगी ने पिछले दिनों संसदीय क्षेत्र की विभिन्न कच्ची बस्तियों में 5000 गर्भवती महिलाओं व किशोरियों की स्क्रीनिंग की। इसमें से करीब 1000 महिलाएं एवं किशोरियां कुपोषित पाई गईं। अभियान के पहले चरण में इन्हीं गर्भवती महिलाओं व किशोरियों को कोटा ग्रेन एंड सीड्स मर्चेण्ट एसोसिएशन की ओर से 9 माह तक पौष्टिक आहार की किट उपलब्ध करवाई जाएगी।
अभियान की शुरुआत से पहले शहर की कच्ची बस्तियों एवं मजदूर तबके में लगभग 5 हजार गर्भवती महिलाओं एवं 15 से 20 वर्ष की आयु की किशोरियों की चिकित्सकीय टीम द्वारा अभियान चलाकर चिकित्सकीय जांच की गई । जांच में लगभग एक हजार महिलाएं एवं किशोरियों में पोषण की अल्पता पाई गई।
Updated on:
29 Feb 2020 03:20 pm
Published on:
29 Feb 2020 02:56 pm
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