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#successmantra पूरे मन और योग से करें हर कार्य – स्वामी रामदेव

एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट में एम्स एवं नीट-2018 का विक्ट्री सेलिब्रेशन में पहुंचे योगगुरु स्वामी रामदेव, हजारों भावी डॉक्टर के मध्य किया योग

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कोटा

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Deepak Sharma

Jun 20, 2018

allen victory celebration

swami ramdev talks with coaching students in allen career institute kota

कोटा . देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा एम्स एवं सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-2018 में सफल रहे विद्यार्थियों के सम्मान में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट का विक्ट्री सेलीब्रेशन बुधवार को लैंडमार्क कुन्हाड़ी स्थित एलन सम्यक कैम्पस के सद्गुण सभागार में हुआ।

यहां एम्स व नीट में सफल रहे विद्यार्थियों को 1 करोड़ 64 लाख 20 हजार के पुरस्कार व छात्रवृत्तियों प्रदान की गई। समारोह में मुख्य अतिथि योग ऋषि स्वामी रामदेव महाराज रहे। यहां उन्होंने श्रेष्ठ विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया और उन्हें जीवन की राह दिखाई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिएं और अपने हर कार्य को पूरे मनोयोग से करें।

इसमें पूरा मन हो और योग हो। आप सोचें तो वैज्ञानिक की तरह सोचें, खेले तो खिलाड़ी बन जाएं और पढ़े तो विद्यार्थी बन जाएं। हर कार्य को डूबकर संकल्प के साथ करें तो सफलता कहीं नहीं जा सकती।

विद्यार्थियों को एलन परिवार की मातुश्री कृष्णादेवी मानधना, निदेशक गोविन्द माहेश्वरी, राजेश माहेश्वरी, नवीन माहेश्वरी व बृजेश माहेश्वरी ने स्वामी रामदेव का सम्मान करते हुए अभिनन्दन पत्र भेंट किया। शुरूआत एलन प्रार्थना के साथ हुई।

दीप प्रज्जवलन व सरस्वती पूजन के बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का दौर शुरू हो गया। सबसे पहले निदेशक गोविन्द माहेश्वरी ने गणेश वंदना प्रस्तुत की। इस अवसर पर स्वामी रामदेव व एलन के निदेशक गोविन्द माहेश्वरी ने ‘मेरा रंग दे बसंती चौला.....‘ गीत गाया, जिस पर फेकल्टीज व विद्यार्थी थिरक उठे।

इसके साथ ही एक के बाद एक इतनी आकर्षक प्रस्तुतियां दी गई कि मंच के सामने बैठे श्रोता अभिभावक और शिक्षक तालियां बजाते रहे। प्रस्तुतियां देने वालों में एलन के फेकल्टीज, विद्यार्थी, वरिष्ठ अधिकारी और निदेशक भी शामिल रहे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में योगा प्रस्तुति, एकल गीत प्रस्तुति, नाटक, एलन संघर्ष विजयगाथा, डिकेड डांस में सामूहिक नृत्य शामिल रहे।

भावी डॉक्टर्स को समझाया साइंस के साथ योग
स्वामी रामदेव ने कहा कि दो वर्ष कोटा में रहकर सबकुछ भूलकर पढ़ाई की, अब आगे के जीवन में भी अच्छी आदतों के साथ जिएं। व्यसनों से मुक्त रहें, किसी भी तरह का नशे की शुरूआत ही नहीं होने दें, बुरी आदत को स्वयं पर हावी नहीं होने दें। सच बोलें, झूठ से बचें।

सफलता का मंत्र देते हुए उन्होंने कहा कि योग अनुभव है जो आपको ध्यान की ओर ले जाता है। पढ़ाई करने के लिए एकाग्रता सबसे जरूरी है, एकाग्रता के मन का शांत होना जरूरी है और इसके लिए योग जरूरी है। कुछ समय योग को जरूर दें। इससे न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेंगे वरन मानसिक रूप से भी आप शांत रहेंगे।

उन्होंने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को ओम का उच्चारण करवाया तथा अनुलोम-विलोम भी करवाया।

International yoga day: कोटा में योगगुरु रामदेव ने कहा जो भी कार्य करें परफेक्शन के साथ करें तभी सफलता मिलेगी

वेल्डर की बेटी विशाखा जादौन का नीट में चयन होने पर किया सम्मान

कार्यक्रम में निर्धन व ग्रामीण परिवारों की ऐसी प्रतिभाएं जो विषम परिस्थितियों से निकलकर चयनित हुए, उन्हें भी गुदड़ी के लाल स्कॉलरशिप के तहत पुरस्कृत किया गया। इसमें छात्रा विशाखा जादौन को स्वामी रामदेव ने पुरस्कृत किया। विशाखा ने नीट में 573 अंक प्राप्त किए हैं तथा आल इंडिया 3974 रैंक प्राप्त की है।

सामान्य वर्ग में रैंक 2690 है। विशाखा के पिता हिम्मत सिंह वेल्डर का प्राइवेट जॉब करते हैं, जिनके पास भी पिछले तीन साल से नियमित काम नहीं है। माता भंवर कंवर गृहिणी हैं। दादा जी नृसिंह लाल आरएपीपी में ड्राइवर थे, उन्हीं की पेंशन से परिवार चल रहा है।

विशाखा की स्थिति को देखते हुए एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट ने फीस में रियायत देकर पढाया। अब आगे 4 साल मेडिकल की पढ़ाई के लिए भी एलन से प्रति माह स्कॉलरशिप दी जायेगी। वहीं बाबा रामदेव ने भी विशाखा को आगे की पढ़ाई के लिए मदद देने का आह्वान किया।

ये भी बोले स्‍वामी रामदेव

एम्स की टाप 50 मे से 34 व टाप टेन में 9 विद्यार्थियों के सलेक्शन पर स्वामी रामदेव ने कोटा कोचिंग का माना लोहा... कहा देश को सर्वाधिक डाक्टर इंजीनियर देने का काम कर रहा है कोटा।

बोले - जीवन में आगे बढ़ना है तो मन और कर्म दोनों को सकारात्मक बनाना होगा, अपने भीतर से नकारात्मक विचारों को उखाड़ फेंको।

कभी भी अपने मूल्यों, कर्तव्यों से कॉम्प्रोमाइज नही करना चाहिए। जीवन मे निरंतरता होनी चाहिए

स्वामी रामदेव ने भावी चिकित्सकों को दिया योग का मंत्र। प्रतिदिन करें ओमकार, अनुलोम- विलोम का अभ्यास। आप स्थ रहेंगे तो देश स्वस्थ होगा।