कोटा. कुन्हाड़ी आदर्श नगर में रहने वाले एक परिवार से शनिवार सुबह एक साधू लाखों रुपए के जेवर ठग ले गया। परिवार में पिछले कई साल से कौमा में रहने वाले युवक को ठीक करने का झांसा देकर साधू ने महिलाओं से जेवर मंगवाए और बातों में उलझाकर जेवर भरा पर्स ले गया। पीडि़त ने कुन्हाड़ी थाने में रिपोर्ट दी है।
कुन्हाड़ी आदर्श नगर निवासी आकाशवाणी में प्रोग्राम हैड हरिओम मीणा ने बताया कि शनिवार सुबह 8 बजेकरीब वह सब्जी लेने के लिए स्कूटर से निकला था। चम्बल पुलिया पर एक सफेद कपड़ो में साधू नजर आया। उसने हाथ दिखाकर उसे रोक लिया और कहा कि बस स्टैण्ड छोड़ दो। इस पर उसे स्कूटर पर बैठा लिया। साधू ने कहा कि चाय-पानी पिला दो। उसने कहा कि चलों दुकान पर ले चलता हूं, लेकिन साधू ने कहा कि दुकान पर चाय नहीं पीता। इस पर हरिओम साधू को घर ले गया। वहां चाय-नाश्ता करवाया तथा कुछ दक्षिणा दी तो उसने मना कर दिया। उसके बाद साधू ने बातचीत की तो हरिओम ने बताया कि उसका बेटा विकास एक दुर्घटना के बाद से छह साल से कौमा में है। साधू ने कहा की उसे ठीक कर दूं तो क्या करोगे। एक लाख रुपए खर्च दोगे, तो परिजनों ने कहा कि कर देंगे, लेकिन विकास के हाथ से करवाएंगे। एडवांस रुपए नहीं देंगे। रुपयों की मना करने पर साधू ने जेवर लाने को कहा। इस घर उसकी पत्नी, बेटी, बहु, भाई के बेटा-बेटी सब अपने-अपने जेवर लेकर आ गए। एक पर्स में जेवरात रखकर साधू को दे दिए। साधू ने झांझ-फूंक कर जेवर से भरा पर्स कब अपनी पोटली में रख लिया, किसी को पता हीं नहीं चला।
साधू ने कहा कि विकास ठीक हो जाएगा। उसके बाद छोडऩे को कहा तो हरिओम उसे स्कूटर से वापस चम्बल पुलिया पर ही छोड़ दिया। इस दौरान पत्नी का कॉल आया कि जेवर वाला पर्स नहीं है। उसने साधू को तलाश किया तो नहीं मिला। इसके बाद उसे ठगी का अहसास हुआ। हरिओम के भतीजे ने उक्त साधू का वीडियो बना लिया था। हरिओम ने कुन्हाड़ी थाने में ठगी की रिपेार्ट दी है। उधर थानाधिकारी गंगासहाय शर्मा ने बताया कि पीडि़त की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।