कोटा. जेके लोन अस्पताल के लेबर रूम के पास बिल्ली के बच्चों की धमाचौकड़ी का वीडियो सोश्यल मीडिया पर वायरल होने के बाद जयपुर में आला अधिकारी हरकत में आ गए। जिला कलक्टर ओपी बुनकर को गुरूवार को दीगोद जाना था, लेकिन आला अधिकारियों के निर्देश पर वे सीधे अस्पताल पहुंचे। उन्होंने चिकित्सालय परिसर में कुत्ते, बिल्लियों की रोकथाम के लिए यूआईटी व पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फाइबर शीट मय ऑटो डोर क्लोजर गेट लगवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में टूटे हुए दरवाजे, खिड़कियों की तुरंत मरम्मत करवाई जाए। मुख्य द्वार पर 24 घंटे चौकीदार की व्यवस्था कर अनावश्यक प्रवेश करने वाले नागरिकों को रोका जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल में भर्ती मरीज के तीमारदारों को एक से अधिक प्रवेश नहीं दिया जाए। प्रत्येक तीमारदार के लिए आईकार्ड जारी के बाद ही प्रवेश दिया जाए। उन्होंने मातृ एवं नवजात शिशुओं में संक्रमण की आशंकाओं को रोकने के लिए अनावश्यक भीड़ अस्पताल में एकत्रित नहीं करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। बता दें कि अस्पताल के लेबर रूम के पास बिल्ली के बच्चों की धमाचौकड़ी का वीडियो सोश्यल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें एक बिल्ली के दो बच्चे सिजेरियन सेक्शन वार्ड-2 के अंदर पलंग पर उछल-कूद कर रहे है। जबकि बिल्ली लोहे की बनी रैक पर बैठी है।
– गंदगी मिलने पर अधिकारियों को लगाई फटकार
कलक्टर ने चिकित्सालय में सफाई व्यवस्था एवं अन्य सुविधाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने सफाई व्यवस्था खराब पाए जाने एवं लेबर रूम में स्टाफ की ओर से नियमित निगरानी नहीं किए जाने को गम्भीरता से लेते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई। जिला कलक्टर ने सफाई व्यवस्था का टेंडर पुनः जारी कर उसमें सफाई के सभी आवश्यक शर्तों का उल्लेख करने तथा नियमित सफाई नहीं करने पर जुर्माना करने के प्रावधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल परिसर में जगह-जगह कचरा फैलाने, मुख्य द्वार व वार्डों में पीक थूकने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मुख्य द्वार से लेकर वार्डों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी के साथ सूचनात्मक बोर्ड भी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। इस दौरान मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. संगीता सक्सेना, जेके लोन अस्पताल, एमबीएस अस्पताल अधीक्षक व संबंधित विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।