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नोनेरा वृहद पेयजल परियोजना: कोटा और बूंदी जिले के 749 गांवों के लोगों की बुझेगी प्यास

नोनेरा वृहद पेयजल योजना से 749 गांव के लोगों की प्सास बुझेगी। पीपल्दा तहसील के नोनेरा गांव की कालीसिंध नदी पर निर्माणाधीन बांध का कार्य अंतिम चरण में है। जलसंसाधन विभाग की ओर से चल रहे इस निर्माण कार्य के बाद परियोजना के जरिए कोटा व बूंदी जिले के 749 गांवों के एक लाख से अधिक परिवारों को घर-घर पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा।    

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Dec 11, 2022
नोनेरा वृहद पेयजल परियोजना: कोटा और बूंदी जिले के 749 गांवों के लोगों की बुझेगी प्यास

अभिषेक गुप्ता

नोनेरा वृहद पेयजल योजना से 749 गांव के लोगों की प्सास बुझेगी। पीपल्दा तहसील के नोनेरा गांव की कालीसिंध नदी पर निर्माणाधीन बांध का कार्य अंतिम चरण में है। जलसंसाधन विभाग की ओर से चल रहे इस निर्माण कार्य के बाद परियोजना के जरिए कोटा व बूंदी जिले के 749 गांवों के एक लाख से अधिक परिवारों को घर-घर पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके लिए 1021 करोड़ के 2 चरणों के कार्यों के टेण्डर हो चुके हैं। शीघ्र ही योजना के कार्यादेश जारी कर क्रियान्वयन किया जाएगा। मुख्यमंत्री के बजट भाषण वर्ष 2022-23 में इसकी घोषणा की गई थी। परियोजना की स्वीकृति राशि 1661.14 करोड़ जारी की गई।

घर-घर मिलेगा पेयजल कनेक्शन

परियोजना के तहत कोटा व बूंदी जिले के 749 गांवों, 6 कस्बे व 251 ढाणियों के 1.13 लाख परिवारों को जल जीवन मिशन की गाइड लाइन के अनुसार 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के मापदंड से घर-घर पेयजल उपलब्ध करने का (नल कनेक्शन) प्रावधान है। नोनेरा बांध में 54 एमक्यूएम जल आरक्षित किया गया है।
1.13 लाख परिवारों को मिलेगा शुद्ध पानी

लाभान्वित गांवों का तहसीलवार विवरण

कोटा जिला (384 गांव) शामिल हैं। इनमें इटावा ब्लॉक के 165, लाडपुरा के 61, सुलतानपुर के 158 गांव।

बूंदी (365 गांव) शामिल हैं। इनमें बूंदी 47, तालेडा 47, केशवरायपाटन के 182, नैनवां के 89 गांव।

परियोजना के तहत प्रस्तावित मुख्य कार्य

कोटा व बूंदी जिले में 2 इनटैक पम्प गृह निर्माण होंगे।

कोटा में 25 व 35 एमएलडी तथा बूंदी में 58 एमएलडी के जल शोधन संयंत्र बनेंगे।

कोटा में 10 व 14 बूंदी जिले में स्वच्छ जलाशय बनेंगे।

कोटा में 47 व बूंदी जिले में 90 उच्च जलाशय बनेंगे।

मुख्य ट्रांसमिशन पाइप लाइन 1352.88 किमी रहेगी।

क्लस्टर वितरण पाइप लाइन 1174.85 किमी रहेगी।

ग्रामीण वितरण पाइप लाइन 1973.41 किमी रहेगी।

17 पम्प गृह निर्माण होंगे।

पीएलसी स्काडा कार्य।

डेडीकेटेड विद्युत फीडर व जीएसएस निर्माण कार्य।

योजना के सभी 02 पैकेजों की निविदाओं की वित्तीय बिड खोली जा चुकी है। इसकी स्वीकृति प्रकियाधीन है, इसी माह में योजनाओं के कार्यादेश जारी कर कार्य प्रारम्भ करवाया जाना लक्षित है। सभी कार्य दिसम्बर 2024 से पूर्ण किए जाएंगे।

महेश जांगिड़, अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग क्षेत्र कोटा

Published on:
11 Dec 2022 12:33 pm
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