
Topper's Speak : कोटा आने के बाद फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा
कोटा . सीबीएसई द्वारा सोमवार को जारी किए गए नीट 2018 के परीक्षा परिणामों में एक बार फिर कोचिंग सिटी कोटा का दबदबा बरकरार रहा है। टॉप 100 में अकेले कोटा से 65 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। इन्हीं में से कुछ छात्रों ने पत्रिका से खास बातचीत में सफलता के मूलमंत्र और स्टडी टिप्स शेयर किए है।
सफलता का कोई शॉर्ट कट नहीं होता
नीट में ऑल इंडिया 33वीं रैंक प्राप्त प्रेरक त्रिपाठी ने अपनी सफलता का मूल मंत्र बताते हुए कहा कि सफलता के लिए कोई शॉर्ट कट नहीं होता है। सफलता के आपको हार्डवर्क करना ही होगा और वह भी पूरी ईमानदारी के साथ। किसी भी सब्जेक्ट में आपको जितनी नॉलेज होगी, उसका उतना ही फायदा होगा। प्रेरक ने कहा कि कोटा में काफी अच्छी पढ़ाई होती है, लेकिन मैं आ नहीं सका। इसलिए कोटा में बिट्रिक्स कोचिंग संस्थान से डिस्टेंस लर्निंग कोर्स ज्वॉनिंग किया। उससे उसे काफी सहायता मिली है। उसके 670 मार्क्स आए हैं।
कोटा की पढ़ाई लाजवाब
कोटा की पढ़ाई का कोई जवाब नहीं। यहां का पढ़ाई का माहौल काफी अच्छा है। यहां शिक्षक भी पढ़ाई पर फोकस रखते है। यह कहना है छात्र धन्नजय कुमार का। धन्नजय ने नीट में 855 रैंक हासिल की।
उसने बताया कि यूपी की पढ़ाई व कोटा की पढ़ाई में काफी अंतर है। कोटा की पढ़ाई सबसे बेस्ट है। वह पहले 2015 में कोटा आया था। 2017 में दोबारा कोटा आया और मन लगाकर पढ़ाई की। बिट्रिक्स कोचिंग से क्लासरूम कोचिंग की। शिक्षकों ने उसके कंसेप्ट को क्लीयर किया। उसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। पिता गोखमन प्रसाद समाज कल्याण विभाग में लिपिक के पद पर कार्यरत हैं।
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Published on:
05 Jun 2018 07:31 pm
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