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लखीमपुर खीरी ममला: आशीष मिश्रा की अपील खारिज, चलेगा मुकदमा

लखीमपुर खीरी जिला अदालत ने आशीष मिश्रा की आरोप मुक्त याचिका खारिज कर दी है। उन पर आंदोलनकारी किसानों पर SUV चढ़ाने का आरोप है।

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केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को बड़ा झटका लगा है। किसानों की हत्या के आरोप में उन पर मुकदमा चलेगा। आरोप के मुताबिक 3 अक्टूबर 2021 को लखीमपुर खीरी में उनकी SUV गाड़ी ने आंदोलनकारी किसानों को कुचल दिया था।

नाम हटाने के लिए आशीष मिश्रा कोर्ट में अपील की थी
दरअसल आशीष मिश्रा ने जिला कोर्ट में अपील की थी उनका नाम इस मामले से हटा दिया जाए। हालांकि कोर्ट ने उनकी अपील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि SIT ने मामले की जांच पूरी करके चार्जशीट दाखिल कर दी है। अब मंगलवार आशीष और अन्य आरोपियों पर आरोप तय किए जाएंगे।

क्या है लखीमपुर खीरी काण्ड का पूरा मामला?
पिछले साल लखीमपुर खीरी 3 अक्टूबर को कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का समूह आंदोलन कर रहा था। आरोप के मुताबिक उस समय आशीष की महिंद्रा SUV कार ने इन किसानों को कुचल डाला था। इसमें 4 किसानों की मौत हो गई थी। इसके बाद भड़की हिंसा में किसानों ने कथित तौर पर गाड़ी के ड्राइवर और बीजेपी वर्कर्स की हत्या कर दी थी।

अजय मिश्रा ने दी थी धमकी
संयुक्त किसान मोर्चा ने आरोप लगाया था कि लखीमपुर कांड के कुछ दिन पहले केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ने किसानों को आंदोलन जल्द खत्म करने की धमकी थी। उन्होंने कहा था, “अगर आंदोलन खत्म नहीं हुआ तो दो मिनट में किसानों को देख लेंगे।”

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और पुलिस ने आशीष मिश्रा को गिरफ्तार किया था। इस साल 18 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने उनसे एक हफ्ते में सरेंडर करने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जमानत रद्द होने के बाद से आशीष जेल में बंद हैं। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होगी।

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