
लखनऊ. लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा की जांच कर एसआईटी की टीम लगातार एक्शन में है। हाल ही में एसआईटी ने लखीमपुर खीरी के तिकुनिया गांव में एक सोची समझी साजिश बताते हुए आरोपियों के खिलाफ धाराएं बढ़ाने का अनुरोध कोर्ट से किया था। एसआईटी के अनुरोध के बाद कोर्ट ने हिंसा के मुख्य आरोपी केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र सहित अन्य आरोपियों पर धाराएं बढ़ाने के आदेश दिये थे। इसके बाद एसआईटी ने अब घटना से जुड़े छह आरोपियों के फोटो को एक पोस्टर के रूप में जारी किया गया है। इसे जिले के सभी थानों समेत महत्वपूर्ण जगहों और सड़क किनारे चस्पा किया गया है। पोस्टर में बताया गया है कि आरोपियों के खिलाफ जानकारी देने वाले को इनाम भी दिया जायेगा।
एसआईटी ने बताई थी सोच-समझी साजिश
बता दें कि लखीमपुर खीरी के तिकुनिया मोड़ पर तीन अक्टूबर को हिंसा में 4 किसानों समेत लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया है। आरोपियों में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र भी शामिल हैं। हाल ही में एसआईटी ने लखीमपुर में हुई हिंसा को एक प्री प्लानिंग घटना बताते हुए मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा समेत सभी आरोपियों पर कई संगीन धाराएं बढ़ा दी हैं। इसमें धारा 307, 326 और 34 शामिल है। मंगलवार को एसआईटी की ओर से जारी किये गये पोस्टर में शेष 6 आरोपियों की पहचान बताने वालों का नाम गुप्त रखने की बात कही गई है।
तकनीकी कमी के कारण खारिज हुई आशीष मिश्रा की बेल अर्जी
वहीं सोमवार को लखीमपुर के तिकुनिया हिंसा मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा मोनू की जमानत अर्जी आवेदन में कुछ खामियों के चलते वापस कर दी। इसके अलावा अंकित दास, लतीफ उर्फ काले, सत्यम त्रिपाठी, नंदन सिंह बिष्ट समेत हत्या के पांच अन्य आरोपियों की भी जमानत अर्जी भी खारिज कर दी गईं, क्योंकि वे पुरानी धाराओं में दाखिल की गई थीं।
Published on:
21 Dec 2021 01:15 pm

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