जब खीरी की महिला का नाम सुन और काले लड्डू देख पीएम मोदी हुए हैरान, पूछे ये सवाल

जब खीरी की महिला का नाम सुन और काले लड्डू देख पीएम मोदी हुए हैरान, पूछे ये सवाल

Abhishek Gupta | Publish: Sep, 11 2018 04:39:38 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

मंगलवार को पीएम मोदी अलग-अलग प्रदेशों और जिलों की आंगनबाड़ी, आशा और एएनएम वर्कर से मुखातिब हुए।

लखीमपुर-खीरी. मंगलवार को पीएम मोदी अलग-अलग प्रदेशों और जिलों की आंगनबाड़ी, आशा और एएनएम वर्कर से मुखातिब हुए। इस दौरान खीरी जिले की महिलाओं से भी उन्होंने बातचीत की। यहां की महिलाओं के कार्य और शुरू की गई कुछ अनोखी पहल को देख पीएम मोदी बेहद खुश नजर आए। और उन्होंने इन लोगों की हौसली अफजाही करते हुए उन्हें सफलता के मूल मंत्र दिए।

जब नाम सुनकर हस पड़े पीएम मोदी-

यहां गायत्री दारापुरी नाम की एक आंगनबाड़ी सुपरवाइजर पीएम मोदी से मुखातिब हुई। सबसे पहले जब महिला ने पीएम मोदी को अपना नाम दारापुरी बताया तो वे हस पड़े। यह देख महिला थोड़ी सी तनाव में आई गई, लेकिन पीएम मोदी ने माहौल को तनावमुक्त कम करने के लिए कहा कि पानीपूरी तो सुना था, लेकिन दारापुरी पहली बार सुना है। पीएम मोदी के इस हास्य वर्धक अंदाज ने महौल को खुशनुमा बना दिया। इसके बाद महिला कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने खीरी जिले में सुपोषण स्वास्थ्य मेले की शुरुआत की है, जिसके चलते हर बुधवार को यह मेला सभी केंद्रों पर लगता है। कार्यकत्रियों ने प्रधानमंत्री को उस मेले की तस्वीरें दिखाई, जिसे देखकर प्रधानमंत्री हैरत में पड़ गए और उन्होंने पूछा कि अब तक कितने मेले हो चुके हैं? कार्यकत्रियों ने जब अब तक 200 मेले होने की बात कही, तो यह आंकड़ा सुनकर पीएम भी हैरान रह गए और उन्होंने सभी को शाबाशी दी।

जब लड्डू देख पीएम ने कहा- इन्हें कौन खाएगा-

इस दौरान कार्यकत्रियों ने गर्भवती महिलाओं के पोषण के लिए तैयार किए गए लड्डू भी पीएम को दिखाए। लड्डू काले रंग के थे, जिसे देखकर उन्होंने पूछा कि काले रंग के लड्डू को कोई खाता भी है क्या? कार्यकर्ताओं ने बताया कि वह सिर्फ इन लड्डू का स्टॉल ही नहीं लगाती हैं बल्कि लोगों को इसका फायदा भी बताती हैं। इस वजह से लोग इनका इस्तेमाल करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि अकसर लोग लोग रंग देख कर खाने से हिचकिचिते हैं, लेकिन स्वास्थ्यवर्धक चीजों में रंग नहीं देखना चाहिए। उन्होंने सुपोषण मेले को लेकर जिले के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों की पीठ थपथपाई। साथ ही कहा कि हम जब अकेले काम करते हैं तो थक जाते हैं, लेकिन जब कोई सामूहिकता की बात होती है, तो लक्ष्य जल्द ही पूरा हो जाता है।

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