
नई दिल्ली।जम्मू कश्मीर से धारा 370 हट जाने के बाद से देश के गुटों और संगठनों में काफी उत्साह है। काफी बयानबाजी भी हो रही है। ऐसे में कॉरपोरेट सेक्टर कैसे चुप रह सकता है। अब असल में काम तो केंद्र सरकार और कॉरपोरेट सेक्टर को करना है। कॉरपोरेट सेक्टर के अनुसार अब जम्मू कश्मीर में कॉरपोरेट सेक्टर खुलकर निवेश करने को तैयार है। जिससे जम्मू कश्मीर का विकास तो होगा ही, वहीं दूसरी ओर वहां के लोगों के लिए नौकरियों के अवसर भी पैदा होंगे। कई कंपनियों के पुराने प्रोजेक्ट्स एक बार फिर से रिस्ट्रक्चर होंगे। उसके बाद उन्हें जम्मू कश्मीर में इंप्लीमेंट किया जाएगा।
जम्मू कश्मीर में इंफ्रा पर ध्यान देने की जरुरत
एसोचैम के प्रेजिडेंट बीके गोयनका के अनुसार धारा 370 हटाना देश की सरकार का एक ऐतिहासिक कदम है। इस कदम से देश के इस उत्तरी भाग का विकास संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में कई कंपनियां निवेश करने को तैयार है। जम्मू कश्मीर की इकोनॉमी को एक बार फिर से नए सिरे तैयार करने की जरुरत है। इस इलाके को देश के आर्थिक विकास से जोडऩे की जरुरत है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में अगर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाना है तो इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को मजबूत करना होगा।
रियल एस्टेट में अपार संभावनाएं
वहीं दूसरी ओर रियल एस्टेट को लेकर भी अपार संभावनाएं देखी जा रही है। रियल एस्टेट कंपनियों के संगठन नेरेडको की मानें तो इस फैसले के बाद कश्मीर में रियल एस्टेट सेक्टर का बूम देखने को मिलेगा। संगठन के नेशनल चेयरमैन डॉ. निरंजन हीरानंदानी के अनुसार रियल एस्टेट कंपनियों को जम्मू-कश्मीर में इस सेक्टर में निवेश की अपार संभावानाएं दिखाई दे रही हैं। अब उन संभावनाओं को अब तलाशने की कोशिश की जाएगी। उसके बाद ही वहां पर रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश की रणनीति बनाकर निवेश किया जाएगा।
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Published on:
06 Aug 2019 12:10 pm
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