
गेस्ट राइटर
क्लोडिया कोज्मा कैपलान, ग्लोबल हेड ऑफ ब्रांड, रैफल्स होटल्स एंड रिसॉर्ट्स
भारत में पर्यटन का भविष्य बहुत उज्ज्वल है और इसे नजदीक से अनुभव करना मेरे लिए गर्व की बात है। राजस्थान और भारत में छिपे अद्वितीय पर्यटन अवसर पर्यटकों को बार-बार यहां आने के लिए प्रेरित करते हैं। यहां का स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक खानपान, समृद्ध इतिहास और जीवंत सांस्कृतिक धरोहरें इसे अधिक खास बनाती हैं। उदयपुर और जयपुर में मैंने देखा कि कैसे स्थानीय संस्कृति और अतुलनीय विरासत को दुनिया के सामने लाने का अवसर हमें मिला है। यह हमारे लिए न केवल एक पेशेवर जिम्मेदारी है बल्कि दिल से जुड़ा एक सुखद अनुभव भी है।
भारत मेरे लिए एक खास स्थान रखता है। मेरी पहली भारत यात्रा लगभग 20 साल पहले ऋ षिकेश, उत्तराखंड और फिर राजस्थान में हुई थी। यह यात्रा मेरे जीवन में एक बदलाव लेकर आई। यहां के लोगों की गर्मजोशी और आतिथ्य भावना ने मुझे गहराई से प्रभावित किया। ऐसा महसूस हुआ कि यहां के लोग जन्म से ही सेवा भाव में रचे-बसे हैं। भारत ने पिछले कई वर्षों में परिवर्तन देखा है, लेकिन यहां की आत्मीयता और विनम्रता आज भी बरकरार है। पिछले महीने की जयपुर यात्रा के दौरान, मैंने देखा कि किस प्रकार नई पीढ़ी के कारीगर अपनी पारंपरिक तकनीकों को आधुनिक दृष्टिकोण से जोड़ रहे हैं।
जयपुर के पूर्व राजघराने की युवा सदस्य और अन्य स्टोर व म्यूजियम ने इस परंपरा को नए रूप में प्रस्तुत किया है। इन्होंने भारत की धरोहर को आधुनिक सृजन में पिरोने का काम किया है। यह सुनकर बेहद अच्छा लगा कि ये लोग भारतीय कारीगरी को दुनियाभर में ले जाने के मिशन पर काम कर रहे हैं। कुछ न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट के साथ साझेदारी कर रहे हैं और अतीत की तकनीकों का उपयोग कर आज के लिए ज्वैलरी का निर्माण कर रहे हैं।
भारत का पर्यटन न केवल स्थानीय समुदायों के लिए बल्कि दुनियाभर के पर्यटकों के लिए भी खास अवसर प्रदान करता है। राजस्थान और भारत के इस अद्वितीय संयोजन का भविष्य निश्चित रूप से आशाजनक है।
Updated on:
05 Dec 2024 04:11 pm
Published on:
05 Dec 2024 04:11 pm
