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New UPI Rules 2025: क्या यूपीआई लिमिट पर भी लगेगा चार्ज?

New UPI Rules 2025: क्या अब यूपीआई ट्रांजेक्शन पर चार्ज लगेगा? जानिए लिमिट, AutoPay की सीमा और रिफंड प्रक्रिया में हुए बदलाव।
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भारत

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Rahul Yadav

•

Updated: 28 Jul 2025, 7:53 PM IST

New UPI Rules 2025

New UPI Rules 2025 (Image: Freepik)

New UPI Rules 2025: UPI यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस आज हर भारतीय की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े व्यापारियों तक, हर कोई Google Pay, PhonePe, Paytm जैसे ऐप्स से भुगतान कर रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार और NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) ने 1 अगस्त 2025 से UPI से जुड़े कुछ नए नियम लागू किए हैं।

इन नियमों में सुरक्षा बढ़ाने, ट्रांजेक्शन सिस्टम को स्थिर बनाने और कारोबारियों पर निगरानी मजबूत करने के उपाय शामिल हैं।लेकिन आम लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल है, क्या अब UPI ट्रांजेक्शन पर चार्ज लगेगा? और क्या ट्रांजेक्शन लिमिट को कम कर दिया गया है? आइए आसान भाषा में सभी सवालों के जवाब जानते हैं।

UPI लिमिट में कोई बदलाव नहीं

वर्तमान में UPI के जरिए अधिकतम 1,00,000 रुपये तक का ट्रांजेक्शन एक दिन में किया जा सकता है। खास मामलों जैसे कि मेडिकल, एजुकेशन और टैक्स भुगतान के लिए यह सीमा 5,00,000 रुपये तक है। नए नियमों के बाद भी यह लिमिट बरकरार है, यानी आम उपयोगकर्ताओं के लिए ट्रांजेक्शन की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

क्या अब UPI पर चार्ज लगेगा?

सरकारी स्तर पर अभी तक आम लोगों के लिए UPI ट्रांजेक्शन पर कोई चार्ज लागू नहीं किया गया है। हालांकि, सरकार और NPCI इस पर विचार कर रहे हैं कि 3,000 से ऊपर के व्यापारी ट्रांजेक्शन (P2M - Person to Merchant) पर 0.2% से 0.3% तक MDR (Merchant Discount Rate) लगाया जाए।

यह चार्ज आमतौर पर दुकानदार या व्यापारी से वहन किया जाएगा न कि ग्राहक से, फिलहाल अभी यह प्रस्ताव चर्चा में है और किसी भी स्तर पर लागू नहीं हुआ है।

ऑटो-पे और API उपयोग की नई सीमाएं

अब बैंकिंग ऐप्स और दूसरी फाइनेंशियल सेवाएं UPI की कुछ सुविधाओं को दिन में ज्यादा बार इस्तेमाल नहीं कर पाएंगी। जैसे 'List Account API' नाम की सुविधा अब किसी एक ग्राहक के लिए एक दिन में सिर्फ 25 बार ही इस्तेमाल की जा सकेगी। इससे UPI सिस्टम पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा और धोखाधड़ी का खतरा भी कम होगा।

अब AutoPay के लिए भी नए नियम बनाए गए हैं। यानी एक तय समय में सिर्फ कुछ बार ही पैसे अपने आप कट सकेंगे। इससे Netflix जैसे सब्सक्रिप्शन और मोबाइल रीचार्ज जैसी सेवाओं को बेहतर तरीके से कंट्रोल किया जा सकेगा।

रिफंड और ट्रांजेक्शन फेल की प्रक्रिया होगी तेज

नए नियमों के अनुसार, UPI पेमेंट फेल होने की स्थिति में रिफंड प्रक्रिया पहले से अधिक तेज और सुरक्षित होगी। NPCI ने UPI सिस्टम के Response Time को 50% तक सुधार दिया है जिससे पेमेंट तेजी से प्रोसेस होंगे।

विशेष रूप से रात 10 से दोपहर 1 और शाम 5 से रात 9:30 बजे के बीच लोड अधिक रहता है इसलिए उन समयों में Retry Limit लागू होगी।

व्यापारियों पर सख्ती और निगरानी

बिजनेस अकाउंट्स और मर्चेंट्स के लिए अब नए चार्जबैक नियम, वेरिफिकेशन सिस्टम और ट्रांजेक्शन मॉनिटरिंग के उपाय लागू होंगे। यह नियम ई-कॉमर्स, डिजिटल सेवाओं और बड़े ट्रांजेक्शन वाली दुकानों पर निगरानी को मजबूत करेंगे और सिस्टम में पारदर्शिता लाएंगे।