
जयपुर। बदलती लाइफस्टाइल में फैशन सिर्फ ड्रेसेज तक ही सीमित नहीं रहा है। अब इसमें एसेसरीज भी शामिल हैं। आज एसेसरीज के बगैर न सिर्फ फैशन अधूरा है, बल्कि स्टाइलिश लाइफस्टाइल के लिए भी इनकी जरूरत है।
अगर इन तीनों को पैमाना मानें, तो एसेसरीज डिजाइनिंग में तीनों क्वॉलिटी हैं। लाइफस्टाइल से जुड़ी होने की वजह से इसमें कॅरियर का स्कोप अन्य क्षेत्रों से ज्यादा है। अपने काम से कभी न संतुष्ट होने वाला, हर समय नया करने की ललक व किसी भी समय में बेस्ट देने की एबिलिटी जिसमें है, वह इस क्षेत्र में कॅरियर की ऊंचाइयों को छू सकता है।
क्रिएटिव होना है जरूरी - डायरेक्ट डिजाइनिंग का संबंध अपैरल व एसेसरीज से होता है, जबकि एसोसिएटेड डिजाइनिंग विजुअल मर्चेडाइजिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग से जुड़ी होती हैं। कंज्यूमर से जुडे हर प्रोडक्ट्स जैसे ज्वैलरी, होम एंड इंटीरियर प्रोडक्ट्स, फैशन एंड लाइफ स्टाइल में एसेसरीज अहम है।
इसके अंतर्गत बाथरूम एंड किचनवेयर, लाइटिंग एंड लाइटिंग फिक्सचर, सन ग्लासेज, हेयर प्रोडक्ट्स, हैंडबैग, बेल्ट, क्लिप, ज्वैलरी, घडियां, गिफ्ट आइटम, टेबलवेयर, वॉल हैंगिंग, फैशन एंड लाइफस्टाइल से जुड़ी सभी चीजें आती हैं।
इंडियन मार्केट में विदेशी सामान की दस्तक ने मिडिल क्लास में शॉपिंग का नया टेस्ट डेवलप किया है। पिछले कुछ सालों में इस वर्ग के लोग सिर्फ चीजें ही नहीं खरीदते, बल्कि ऎसी चीजें खरीदते हैं, जिनसे उनका लाइफ स्टाइल झलकता हो।
एक्सपर्ट्स की राय में एसेसरीज डिजाइनर्स की डिमांड कभी कम नहीं होगी, क्योंकि लोगों को सिर्फ प्रोडक्ट नहीं, बल्कि स्टाइल भी चाहिए। आज किसी भी मॉल के रिटेल सेक्शन में सबसे ज्यादा स्पेस में एसेसरीज का ही डिस्प्ले किया जाता है, क्योंकि इनके खरीददार ज्यादा हैं।
Published on:
16 Jan 2015 12:12 pm
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