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भारत में हर साल बढ़ रहे 12 लाख नए कैंसर रोगी

भारत में हर साल लगभग 12 लाख नए कैंसर रोगियों का पता लगता है

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भारत में हर साल बढ़ रहे 12 लाख नए कैंसर रोगी

लखनऊ. कैंसर किसी घातक बीमारी से कम नहीं है। यह बात हम सभी जानते हैं कि 80 प्रतिशत कैंसर होने का कारण तम्बाकू और धूम्रपान होता है। यह कैंसर लाइलाज तो नहीं है यह किसी बड़ी बीमारी से कम भी नहीं। भारत में हर साल लगभग 12 लाख नए कैंसर रोगियों का पता लगता है। यह कहना है टाटा मेेमोरियल सेंटर के डॉ. इन्द्रनील मलिक का। ये बातें उन्होंने केजीएमयू के रेडियोडायग्नोसिस और रेडियोथैरेपी विभाग ने 32वें स्थापना दिवस समारोह में कहीं। उन्होंने बताया कि 5 से 10 प्रतिशत कैंसर के ऐसे मामले सामने आते हैं, जो अनुवांशिक होते हैं।

लॉंग कोर्स रेडियोथैरेपी ज्यादा उपयोगी

डॉ. इन्द्रनील मलिक ने मलाशय कैंसर की रेडियोथैरेपी के बारेे में बताया कि यह लॉंग टर्म और शॉर्ट टर्म कोर्स में दी जाती है। उन्होंने बताया कि लॉंग कोर्स रेडियोथैरेपी ज्यादा कारगर होता है इसलिए यह हमारे देश में ज्यादा उपयोगी है। वहीं, एसोसिएशन आॅफ रेडिएशन आॅनकोलोजिस्ट आॅफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. राजेश वशिष्ठ ने बताया कि बच्चों में होने वाला 20 प्रतिशत कैंसर जेनेटिक होता है। पुरुषों में 50 फीसदी मुंह, गले और आहारनाल का कैंसर कॉमन है।

नई तकनीक से वद्धावस्था की बीमारियों को पहचाना आसान

वद्धावस्था में याद्दाश्त कमजोर होना और किसी बात को भूलना आम बात होती है। स्थापना दिवस समारोह में डॉ. मोहित अग्रवाल ने बताया कि नई तकनीक की मदद से इसे पहचानना और इसका उपचार करना संभव होगा।

इस अवसर पर विभाग के डॉक्टर एवं कर्मचारियों को उनकी सेवाओं के लिए मुख्य अतिथि डॉ. राजेष वषिश्ठ और केजीएमयू के कुलपति प्रो. एमएलबी भटट द्वारा सम्मानित किया गया।