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14 नवंबर: आज का शुभ मुहुर्त और राहुकाल

कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि है। कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवोत्थान एकादशी और देवउठनी एकादशी के नाम से जाना जाता है. इस दिन से चार महीने से रूके हुए सभी मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाते हैं। दशमी तिथि आज सुबह 5 बजकर 48 मिनट पर ही समाप्त हो चुकी है।

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लखनऊ. कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि है। कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवोत्थान एकादशी और देवउठनी एकादशी के नाम से जाना जाता है. इस दिन से चार महीने से रूके हुए सभी मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाते हैं। दशमी तिथि आज सुबह 5 बजकर 48 मिनट पर ही समाप्त हो चुकी है। आज देर रात 1 बजकर 44 मिनट तक हर्षण योग रहेगा। साथ ही आज शाम 4 बजकर 31 मिनट तक पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र रहेगा। आज शाम 6 बजकर 13 मिनट से शुरू होकर कल सुबह 6 बजकर 39 मिनट तक पृथ्वी लोक की भद्रा रहेगी। जानिए रविवार का पंचांग, शुभ मुहूर्त और राहुकाल।

आज के शुभ मुहूर्त-

अभिजीत मुहूर्त – सुबह 11.20 बजे से दोपहर 12.04 बजे तक

अमृत काल मुहुर्त – सुबह 08.09 बजे से सुबह 09.50 बजे तक

विजय मुहूर्त – दोपहर 1.32 बजे से दोपहर 02.15 बजे तक

गोधूलि बेला – शाम 04.59 बजे से शाम 05.23 बजे तक

निशीथ काल – रात 11.16 बजे से मध्‍यरात्रि 00.09 (15 नवंबर) बजे तक

शुभ योग

रवि योग – सुबह 06.14 बजे से दोपहर 04.31 बजे तक

सर्वार्थ सिद्धि योग – शाम 04.31 बजे से अगले दिन (15 नवंबर) सुबह 6.15 बजे तक

अमृत सिद्धि योग – नहीं

द्विपुष्कर योग – नहीं

त्रिपुष्कर योग – नहीं

आज के अशुभ मुहूर्त-

गुलिक काल - दोपहर 02.26 बजे से दोपहर 03.48 बजे तक

यमगंड – सुबह 11.42 बजे से दोपहर 13.04 बजे तक

दुष्टर्मुहूर्त – दोपहर 03.42 बजे से दोपहर 04.26 बजे तक

भद्रा – नहीं

आज का राहुकाल

लखनऊ- दोपहर 03:50 बजे से शाम 05.10 बजे तक

वाराणसी – दोपहर 03:44 बजे से शाम 05.05 बजे तक

गोरखपुर – दोपहर 03:40 बजे से शाम 05.01 बजे तक

प्रयागराज – दोपहर 03:48 बजे से शाम 05.09 बजे तक

कानपुर – दोपहर 03:53 बजे से शाम 05.13 बजे तक

आगरा - दोपहर 04:01 बजे से शाम 05.21 बजे तक

मथुरा - दोपहर 04:02 बजे से शाम 05.22 बजे तक

दिल्ली- दोपहर 04:02 बजे से शाम 05.22 बजे तक

चंड़ीगढ़- दोपहर 04:01 बजे से शाम 05.20 बजे तक

भोपाल- दोपहर 04:08 बजे से शाम 05.30 बजे तक

राहु काल क्या है?

राहु काल या राहु कलाम दिन का सबसे प्रतिकूल समय है, जब कुछ भी शुभ करते हैं, तो कभी भी अनुकूल परिणाम नहीं देते हैं। ज्योतिषी हमेशा शुभ मुहूर्त की गणना करते हुए, दिन के इन 90 मिनटों को छोड़ देते हैं।

यमगंडम का क्या अर्थ है या यमगंड काल?

यमगंडम का अर्थ है मृत्यु का समय, या मौत का समय। यमगंडम मुहूर्त के दौरान केवल मृत्यु अनुष्ठान और समारोह किए जाते हैं। इस समय में शुरू की गई कोई भी गतिविधि कार्य या उससे जुड़े अन्य पहलुओं को निराश करती है। इसलिए, यमगंडम मुहूर्त के दौरान की गई गतिविधियाँ विफलता में समाप्त होती हैं या अंतिम परिणाम अक्सर बहुत अनुकूल नहीं होता है। हमेशा सलाह दी जाती है कि इस दौरान धन या यात्रा से संबंधित महत्वपूर्ण गतिविधियाँ शुरू न करें।

राहु काल समय में क्या करें?

नया व्यवसाय या आयोजन शुरू करने के लिए राहु काल को शुभ नहीं माना जाता है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में पहले से शुरू होने वाली दैनिक गतिविधियों को जारी रखने में कोई समस्या नहीं है। राहु काल में नहीं की जाने वाली चीजों में शामिल हैं- विवाह संस्कार, गृहप्रवेश, पूजा और अनुष्ठान, एक नया व्यवसाय शुरू करना, और अन्य शुभ कार्य।

जब आप राहु काल के दौरान किसी शुभ घटना से बच नहीं सकते तो क्या करें?

ऐसी स्थितियों में जब आप राहु काल के दौरान महत्वपूर्ण कार्यों को करने से बच नहीं सकते हैं, तो यह सलाह दी जाती है कि भगवान हनुमान को पंचामृत और गुड़ अर्पित करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें। शुभ काम शुरू करने से पहले इस प्रसाद का सेवन करने से राहु के हानिकारक प्रभाव दूर रहेंगे।

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