
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में विधानसभा 2017 में मिली जोरदार जीत के बाद अब भारतीय जनता पार्टी की नजर लोकसभा चुनाव 2019 में है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के राजधानी दौरे में उन्होंने 2019 के लिए पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। इसी के चलते भाजपा सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल की तैयारी चल रही है। मिशन 2019 के तहत कई मंत्रियों का टिकट कटना लगभग तय है, जिनकी छवि उनके संसदीय क्षेत्रों में अच्छी नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक ऐसे मंत्रियों की सूची तैयार की गई , जिनकी जनता के बीच नकारात्मक छवि बनी हुई है।
पार्टी में हलचल शुरू
भाजपा ने मंत्रियों का लेखा-जोखा बनाए हुए हैं, जिसको लेकर मंत्रिमंडल में फेरबदल की तैयारी भी चल रही है। इसको लेकर कई मंत्रियों के चेहरे पर साफ शिकन दिख रही है। कई मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है। इसकी भनक लगते ही कई मंत्रियों की नींद उड़ गई है।
12 से 15 मंत्रियों को लोकसभा चुनाव लड़वाने की तैयारी
राजधानी में मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की अगुआई में करीब 10 घंटे तक चले मंथन की हर कड़ी लोकसभा चुनाव से ही जाकर जुड़ी। फिलहाल 12 से 15 मंत्रियों को लोकसभा चुनाव लड़वाने की तैयारी है, जिससे कठिन दिख रही सीटों पर लड़ाई कमजोर न पड़े। इस पर अभी आगे संघ और संभावित चेहरों के साथ भी मंथन कर संभावनाएं परखी जाएंगी।
कई सांसदों के टिकट कटने तय
लोकसभा चुनाव में पार्टी के एक कई सांसदों के टिकट कटने तय हैं। क्षेत्र में सांसदों की सक्रियता और उनको लेकर स्थानीय जनता के मूड का आंकलन पार्टी पहले से ही कर रही है। इसकी रिपोर्ट बननी शुरू हो गई है। जहां चेहरे बदले जाने हैं उनके विकल्प पर भी समानांतर काम शुरू कर दिया गया है।
बता दें कि गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव के नतीजों और इस दौरान उपजे सपा-बसपा गठबंधन की बढ़ रही मजबूती के बीच यूपी में शाह का यह पहला दौरा है। अब अमित शाह यूपी का मोर्चा खुद संभालने के मूड में है। सूत्रों की मानें तो शाह ने संगठन को साफ तौर पर लोकसभावार मजबूती और कमजोरी का आकलन कर रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए हैं।
Published on:
14 Apr 2018 09:34 am
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
