
BC Sakhi Yojana
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के मामले में यूपी ने मिसाल पेश की है। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग लेनदेन को आसान बनाने के मकसद से 58 हजार बैंकिंग करेस्पाँडेंस (बीसी सखी) की भर्ती करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। बीसी सखियों के जरिये बैंकिंग के लेनदेन से कई बैंक आगे आए हैं। छह बैंकों ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ करार भी किया है।
ग्राम्य विकास विभाग के राजेन्द्र प्रताप सिंह 'मोती सिंह’ और विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह आयुक्त के रविंन्द्र नायक की मौजूदगी में करार पर हस्ताक्षर किये गए। मंत्री मोती सिंह ने इसे शहरीकरण की ओर उन्मुख लोगों को गांव में ही बैंकिंग सुविधाएं देने की दिखा में बड़ा कदम बताया।। उन्होंने इसे सिर्फ बैंकिंग सेवा नहीं बल्कि महिला सशक्तीकरण के लिये सीएम योगी आदित्यनाथ की पहल का असर बताया। उन्होंने कहा कि बीसी सखी से स्वदेशी और ग्राम स्वरोजगार को मजबूती मिलेगी।
बता दें कि बैंकिंग सखी को उनके काम के लिये राज्य आजीविका मिशन के जरिये जरूरी उपकरण दिये जाएंगे। इसके अलावा उन्हें छह महीने तक 4000 हजार रुपये बतौर मानदेय मिलेगा। उन्हें आसान किसतों पर 75 हजार रुपये का ऋण भी दिया जाएगा जिससे उन्हें जरूरी हार्डवेयर की खरीदारी में सहूलियत होगी।
Published on:
20 Feb 2021 06:27 pm

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