PM मोदी सरकार में बढ़ा दलितों का उत्पीड़न, रोहित बेमुला की तरह BBAU में कांड की तैयारी
बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में 8 दलित छात्रों के गलत निष्कासन पर मैदान में उतरी आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति, कहा- नहीं होने देंगे दूसरा रोहित वेमुला काण्ड, करो मरो की तर्ज पर होगी आर-पार की लड़ाई।
लखनऊ. बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ प्रशासन द्वारा 8 दलित छात्रों का गलत तरीके से निष्कासित करके जबरन हास्टल से उनका सामान बाहर फेंक दिये जाने से जहां दलित छात्र अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर परेशान हैं। वहीं लखनऊ जैसे शहर में उनके रहने खाने की समस्या भी खड़ी हो गयी है। इन दलित छात्रों के समर्थन में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र पूरी तरह मैदान में कूद पड़ी है। शनिवार को सभी पीड़ित छात्रों से मुलाकात कर उनके खाने पीने व अन्य जरूरतों के मद्देनजर अन्तरिम सहायता के रूप में छात्रों को संघर्ष समिति संयोजक मण्डल द्वारा 15 हजार रुपये की आर्थिक मदद की गयी और आगे भी हर प्रकार की मदद का आश्वासन दिया गया। पीड़ित छात्र श्रेयत बौद्ध, जय सिंह, अश्वनी कुमार, संदीप शास्त्री, रामेन्द्र नरेश, संदीप कुमार गौतम, अजय कुमार, सुमित कुमार ने संघर्ष समिति द्वारा किये जा रहे सहयोग की सराहना की। यह भी पढ़ें- बाइक रैली निकाल 10 हजार आरक्षण समर्थकों ने मोदी सरकार के खिलाफ बोला हल्ला संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि जिस प्रकार से लखनऊ बीबीएयू में यह घटना घटित हुई है यह हैदराबाद यूनिवर्सिटी के रोहित वेमुला घटना की याद दिला रही है। संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि बीबीएयू के दलित छात्रों का हर स्तर पर सहयोग किया जायेगा और हर स्तर पर आन्दोलन किया जायेगा। किसी भी सूरत में दूसरा रोहित वेमुला काण्ड नहीं होने दिया जायेगा उसके लिए संघर्ष समिति हर कुर्बानी देने के लिए तैयार है।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति, उप्र के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा व डॉ. रामशब्द जैसवारा ने बीबीएयू के कुलपति प्रोफेसर आरसी सोबती से मोबाइल पर घटना के बारे में विस्तृत वार्ता की जिस पर कुलपति महोदय यह कहा गया कि मैं लखनऊ से बाहर आया हूं, मैं बुधवार दिनांक 14 सितम्बर को लखनऊ पहुंचकर संघर्ष समिति संयोजक मण्डल से इस मुद्दे पर विस्तृत वार्ता करूंगा। जहां तक निष्कासित दलित छात्रों के भविष्य का सवाल है तो उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जायेगा और उनके निष्कासन को समाप्त किये जाने पर विचार किया जायेगा।
समिति,के संयोजकों अवधेश कुमार वर्मा, इं. केबी राम, डॉ. रामशब्द जैसवारा, अनिल कुमार, आरपी केन, अन्जनी कुमार, राम बरन, अशोक सोनकर, प्रेम चन्द्र, राम औतार, प्रतोष कुमार, बनी सिंह, कृपा शंकर, योगेन्द्र रावत, चमन लाल भारती, अजय कुमार धानुक ने कहा कि जिस प्रकार से बीबीएयू प्रशासन ने प्रोफेसर कमल जैसवाल के दबाव में दलित छात्रों को गलत तरीके से निष्कासित कराकर हास्टल से सभी छात्रों का सामान फेंकवा दिया गया, जिसमें से एक छात्र सुमित कुमार जो लीवर सिरोसिस रोग से पीड़ित है और समस्त दवायें भी हास्टल रूम से फेंकवा दी गयीं। आज सभी छात्रों की व्यथा को सुनकर संघर्ष समिति संयोजक मण्डल काफी आक्रोशित हो गया और कहा कि जब से केन्द्र की मोदी सरकार सत्ता में आयी तब से केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में दलित छात्रों का उत्पीड़न बढ़ गया है।