वैश्विक स्तर पर तेजी से हो रहे प्रौद्योगिकीय विकास की वजह से अगले पांच साल में कृत्रिम इंसानी विकल्प यानी रोबोट एक करोड़ से ज्यादा लोगों की नौकरियां खत्म कर सकते हैं। यह खुलासा एसोचैम(भारतीय वाणिज्य एवं उद्दोग मंडल) के ताजा अध्ययन में हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक स्तर पर जिस तरह की औद्योगिक क्रान्ति हो रही है, उससे रोबोटिक्स, थ्री डी प्रिंटिंग, कृत्रिम बुद्धि, जीनोमिक्स के रूप में नुकसानदेह प्रौद्योगिकियां भी सामने आ रही हैं। इनकी वजह से बड़ी संख्या में लोग अपनी नौकरी गंवा रहे हैं। सिर्फ भारत में ही अगले पांच साल के दौरान करीब 10 लाख नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है।