
इस रूट पर दो साल सात महीने बाद फिर दौड़ी ट्रेन
लखनऊ. बुधवार को लखनऊ से सीतापुर के लिए ट्रेन दौड़ पड़ी। इसके साथ ही यात्रियों उत्साह भी देखा गया। ऐशबाग से सीतापुर के बीच 13 मई 2016 को आखिरी ट्रेन नैनीताल एक्सप्रेस ने डाउन में अपना सफर तय किया था। उसके बाद बुधवार को ऐशबाग-सीतापुर रूट का आगाज फिर से हो गया, लेकिन इस बार मीटरगेज नहीं ब्राड ग्रेज पर यात्री अपना शुरू किए।
133 साल पुराने ऐशबाग-सीतापुर रूट पर बुधवार को एक नए युग का आगाज हो गया। मीटरगेज (छोटी लाइन) ट्रेनों की छुकछुक की जगह इस बार तेज रफ्तार ब्रॉडगेज (बड़ी लाइन) की ट्रेन चलाई गईं। शुरुआत एक स्पेशल पैसेंजर ट्रेन से हुई। आम यात्रियों की इस ट्रेन में सफर कर सैकड़ों यात्री इसके साक्षी बने। खुद रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने खैराबाद (अवध) में रूट का लोकार्पण किया। इसके बाद ट्रेन में बैठकर रेल राज्य मंत्री अफसरों व कई सांसदों के साथ रवाना हो गए।
यात्रियों को बहुत सुविधाएं मिलेंगी
रेल व संचार राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि अमान परिवर्तन होने से यात्रियों को बहुत सुविधाएं मिलेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में रेल सेवाओं में सुधार किया गया है। जो ट्रेनें गोरखपुर से लखनऊ होकर निकलती थीं, अब वो सीधे सीतापुर होकर गुजरेंगी। यही नहीं ट्रेनें भी बढ़ेंगी। यहां के यात्रियों को बेहतर रेल नेटवर्क का फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही मैलानी तक भी अमान परिवर्तन कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने केंद्र की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं को गिनाते हुए इसका श्रेय प्रधानमंत्री को दिया। इसके बाद उन्होंने हरी झंडी दिखाकर स्पेशल पैसेंजर ट्रेन को रवाना किया और साथ ही उसी ट्रेन में यात्रियों के साथ बैठकर वे भी रवाना हो गए।
सीतापुर-ऐशबाग का लोकार्पण
रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा बुधवार सुबह विमान से लखनऊ पहुंचे। यहां से सड़क मार्ग से वह सीतापुर के खैराबाद (अवध) स्टेशन पहुंच। इसके बाद सीतापुर से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सीतापुर-ऐशबाग नए ब्रॉडगेज रूट का लोकार्पण किया। इसी के साथ स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इंजन दौड़ाकर हुआ ट्रायल
उधर, पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन ने इस रूट पर ट्रेन संचालन शुरू होने को लेकर मंगलवार देर शाम तक तैयारियां की। रेलवे ने संरक्षा सहित कई बिन्दुओं पर अपनी तैयारियों को परखने के लिए मंगलवार को इस रूट पर एक इंजन को चलाया था। इस रूट पर ट्रेन का स्पीड ट्रायल भी किया गया था।
उठा सकेंगे सफर का मजा
बख्शी का तालाब, मोहिबुल्लापुर और सिधौली स्टेशनों पर जनरल टिकट की बिक्री के लिए अनारक्षित टिकट सिस्टम (यूटीएस) को परखा गया। बुधवार को स्पेशल ट्रेन में सफर के लिए यात्रियों को टिकटों की बिक्री भी की गई।
13 मई को थमा था सफर
ऐशबाग से सीतापुर के बीच 13 मई 2016 को आखिरी ट्रेन नैनीताल एक्सप्रेस ने डाउन में अपना सफर तय की थी। यह ट्रेन टनकपुर से वापस आई थी। तब से यह रूट बंद था। ऐशबाग-सीतापुर सेक्शन पर 88.25 किलोमीटर लंबे रूट का अमान परिवर्तन 374 करोड़ रुपये से किया गया है। इस रूट पर 41 क्रासिंग, छह सीमित ऊंचाई वाले सब-वे, आठ रोड डायवर्जन और सात स्टेशनों पर पैदल पुलों का निर्माण किया गया है।
Published on:
09 Jan 2019 07:14 pm
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