आज बेटे और भाई के बीच द्वंद्व से जूझ रहे मुलायम ने 1967 में इटावा की जसवंत नगर सीट से ही पहला चुनाव लड़ा था। दरअसल उनका पैतृक गांव सैफई इसी विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा भी है। 1967 के बाद सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी (संसोपा) से विधानसभा चुनाव जीते थे। उसके बाद इस सीट पर 1974, 1977, 1984, 1989 और 1993 में उन्होंने जीत दर्ज की। इसके बाद 1996 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने यह सीट अपने छोटे भाई शिवपाल को सौंप दी। तब से वह लगातार जीत दर्ज करते आ रहे हैं। इस बार चुनाव से ठीक पहले जसवंत नगर असमंजस में है। यहां के लोग तय नहीं कर पा रहे हैं कि वे किसके साथ जाएं। इटावा से जसवंत नगर जाने वाली सड़क पर एक चाय की दुकान पर बैठे शराफत, रशीद व बन्ना खां इसी चर्चा में मशगूल दिखे। उनका कहना था कि आपस की लड़ाई समर्थकों के लिए मुसीबत बनी है। यदि बाप-बेटा एक हो जाएं, तो जिसे भी टिकट दे दें, स्थितियां उसके ही पक्ष में होंगी। कटरा बिल्लो शान गांव के शहाबुद्दीन कहते हैं कि काम शिवपाल ने बहुत किया है किन्तु युवा अखिलेश के साथ हैं। उन्होंने उम्मीद जताई की चुनाव से पहले सब एक हो जाएंगे।