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‘लौह पुरुष’ की जयंती पर सीएम योगी ने दिया बड़ा बयान, अखिलेश ने कहा- सरदार पटेल बैन करना चाहते थे यह

- सरदार वल्लभ भाई पटेल के मूल्यों व आदर्शों को जीवन में उतारे- मुख्यमंत्री

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लखनऊ

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Abhishek Gupta

Oct 31, 2019

akhilesh yadav

akhilesh yadav

लखनऊ. 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभ भाई पटेल की 144वीं जयंती पर गुरुवार को देश भर में रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश में भी सभी जिलों में 'सरदार' को श्रद्धांजलि देने हेतु कार्यक्रम आयोजित किए गए। लखनऊ में जीपीओ स्थित सरदार पटेल प्रतिमा से केडी सिंह बाबू स्टेडियम तक यह दौड़ आयोजित की गई, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बाकी जिलों में भी सुबह 8 बजे से रन ऑफ यूनिटी का आयोजन हुआ। इसके लिए प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को सरदार पटेल की जयंती के मौके पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश जारी किए थे। निर्देशानुसार गुरुवार सुबह 11 बजे सभी थानों और पुलिस ऑफिस में एकता दिवस शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उधर विपक्षी दलों ने भी सरदार पटेल को याद किया। लेकिन कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी उनपर दिए गए अपने बयान से सत्ता पक्ष के कई नेताओं व मंत्रियों के निशाने पर आ गईं। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने उनपर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि उनमें या कांग्रेस के किसी भे नेता में सरदार पटेल के प्रति आस्था होती तो रन फॉर यूनिटी में वे आते। वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी वल्लभ भाई पटेल के जरिए आरएसएस और भाजपा पर हमला करने से पीछे नहीं हटे।

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सरदार वल्लभ भाई पटेल के मूल्यों व आदर्शों को जीवन में उतारे-

गुरुवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर रन फॉर यूनिटी को सीएम योगी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने सभी से कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल के मूल्यों व आदर्शों को जीवन में उतारने की जरूरत है। सरदार पटेल ने 563 रियासतों को भारत गणराज्य का हिस्सा बनाया। इसलिए हम देश को बांटने वालों के मंसूबे कभी पूरे नहीं होने देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि 6 जनवरी 1948 को सरदार वल्लभ भाई पटेल लखनऊ के राजभवन आए थे। उसी साल सितबंर में वाराणसी व नवंबर में प्रयागराज भी गए थे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोग खासकर युवा सरदार बल्लभ भाई पटेल के जीवन मूल्यों और आदर्शों को अपनाएं। आज भी कई देशों में विरोधी ताकतें सक्रिय हैं। अपने लाभ के लिए वे जाति, मजहब, क्षेत्र और भाषा के आधार पर लगातार देश का तोड़ने की साजिश में हैं। ऐसी ताकतों को बेनकाब करें। यही काम सरदार पटेल ने देश के पहले गृहमंत्री के रूप में किया था। आजादी के बाद सिर्फ संवाद से 563 रियासतों का विलय इसका सबूत है। भारत का मौजूदा स्वरूप उनकी उसी दूरदर्शिता के नाते है।

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अखिलेश ने कहा - आरएसएस को बैन करना चाहते थे पटेल
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा, आरएसएस पर हमला बोलते हुए कहा कि सरदार पटेल ने आरएसएस और उसकी विचारधारा पर प्रतिबंध लगाया था। सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जहां उन्होंने देश की एकता के लिए कदम उठाये थे वहीं सामाजिक सौहार्द के लिए आरएसएस पर पाबंदी लगाने का काम किया था। आज आवश्यकता फिर ऐसे नेता की है जो आरएसएस की भड़काऊ विचारधारा पर रोक लगा सके।

अखिलेश यादव ने कहा कि सरदार पटेल ने देश को एकजुट करने और एक सूत्र में बांधने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरा देश सरदार पटेल के योगदान को याद करता है और उन्हें नमन कर रहा है।

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