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भ्रष्टाचार पर सवालों के घेरे में सीएम कार्यालय, अखिलेश ने कहा- मामला गंभीर, सीबीआई जांच हो

सीएम के प्रिंसिपल सेक्रेटरी पर घूसखोरी का आरोप लगाना वाला हिरासत में...

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लखनऊ

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Nitin Srivastva

Jun 08, 2018

Akhilesh yadav statement on IAS SP Goyal corruption allegation

भ्रष्टाचार पर सवालों के घेरे में सीएम कार्यालय, अखिलेश ने कहा- मामला गंभीर, सीबीआई जांच हो

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार को लेकर ज़ीरो टॉलरेंस की बात करते रहे हैं। वे भ्रष्टाचार के आरोप में लिप्त दो डीएम को निलंबित कर चुके हैं। लेकिन, लेकिन अब सीएम ऑफि़स ही सवालों के घेरे में है। सीएम के प्रिंसिपल सेक्रेटरी पर 25 लाख घूस मांगने का आरोप है। राज्यपाल रामनाइक ने इस मामले की जांच के लिए सीएम को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दे दिए हैं। इस बीच भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है।

सीएम के प्रिंसिपल सेक्रेटरी हैं गोयल

मुख्यमंत्री सार्वजनिक मंचों से लेकर अफसरों की मीटिंग में राज्य में भ्रष्टाचार के खात्मे की बात करते रहे हैं। लेकिन राज्य के सबसे ताक़तवर आईएएस अफसर शशि प्रकाश यानी एसपी गोयल पर ही 25 लाख रुपए मांगने का आरोप लग गया है। गोयल सीएम के प्रिंसिपल सेक्रेटरी हैं। घूस मांगने की शिकायत 16 अप्रेल को ईमेल के जरिए राज्यपाल को गयी थी। राज्यपाल ने 30 अप्रैल को मामले की जांच के लिए सीएम को चिट्ठी भी भेज दी, लेकिन 40 दिनों बाद भी इस मामले में न तो जांच हुई, न कोई कार्रवाई हुई।

गोयल को लेकर भाजपा दो खेमे में

ताकतवर आईएएस गोयल को लेकर भाजपा दो खेमे में बंट गयी है। एक ग्रुुप जहां गोयल को बचाने में जुटा है वही दूसरा गुट उन पर संगीन आरोप लगा रहा है। भाजपा नेता आईपी सिंह ने आईएएस गोयल पर मायावती के जमाने से भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक गोयल के भ्रष्टाचार का मामला हर बार रफ़ा दफ़ा हो जाता है। जबकि लखनऊ में पार्टी के कार्यालय प्रभारी भारत दीक्षित ने एसएसपी दीपक कुमार को चिट्ठी लिखी। जिसमें कहा गया कि बीजेपी नेताओं के नाम पर अभिषेक गुप्ता अफ़सरों पर दबाब बनाता रहता है। दीक्षित ने यह पत्र मुख्यमंत्री के विशेष सचिव सुभ्रांत शुक्ला द्वारा 28 मई को भाजपा के प्रदेश मुख्यालय को लिखे गए पत्र के बाद लिखा था। जिसमें लिखा गया था कि इंदिरा नगर निवासी अभिषेक गुप्ता भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन और अन्य पदाधिकारियों के नाम लेकर अनुचित कार्य कराने का दबाव बना रहा है। बताया जाता है ऊपरी दबाव पर एसएसपी को केस करने को कहा गया। देर रात पार्टी की छवि खराब करने के आरोप में अभिषेक गुप्ता के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज हो गया। अब अभिषेक गुप्ता को जेल भेजने की तैयारी है।

सुनील बंसल का नाम जुड़ा

अभिषेक पर आरोप है कि यह शख्स पार्टी के संगठन मंत्री सुनील बंसल और अन्य पदाधिकारियों के नाम का प्रयोग कर अनुचित कार्य करने का दबाव बना रहा है। इस व्यक्ति का पार्टी से कोई सम्बन्ध नहीं है।

सीएम ने जांच के आदेश दिए

इस मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच के आदेश दे दिये हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रमुख सचिव एसपी गोयल से पूरी जानकारी मांगी है। हालांकि इस मामले में प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी का कहना है कि प्रमुख सचिव गोयल पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।

यह है मामला

अभिषेक हरदोई में एस्सार का पेट्रोल पंप लगाना चाहते थे। इसके लिए वे मेन सडक़ के पास ज़मीन का एक टुकड़ा चाहते थे। इलाक़े के लेखपालों, एसडीएम, एडीएम से लेकर डीएम तक ने उनके प्रस्ताव का समर्थन किया। राजस्व परिषद ने भी कहा कि उन्हें ज़मीन मिलनी चाहिए। लेकिन जब फ़ाईल सीएम ऑफि़स तक पहुंची तो प्रमुख सचिव ने अभिषेक का प्रस्ताव ख़ारिज कर दिया। आरोप है कि उन्होंने 25 लाख रूपये घूस मांगी। इसके बाद अभिषेक अपनी शिकायत लेकर राज्यपाल राम नाईक से मिले। उन्हें पूरी बात बताई। राज्यपाल ने मामला समझने के बाद सीएम को इसकी जांच के लिए कह दिया।

विपक्ष हमलावर

इस मामले को लेकर विपक्ष हमलावर है। वह पूछ रहा है कि जिसने सीएम के प्रमुख सचिव पर घूस मांगने का आरोप लगाया, उलटे उस पर ही मुक़दमा हो गया। यह भ्रष्टाचार रोकने की कैसी पहल है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री सचिवालय में भ्रष्टाचार को बेहद दुखद बताया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने मामले की सीबीआइ से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा शिकायतकर्ता को हिरासत में लेना भी बड़ा अपराध है। कम से कम पूरी जांच के बाद ही अभिषेक गुप्ता को हिरासत में लिया जाता।

अभिषेक पर यह रिपोर्ट

लखनऊ के अभिषेक गुप्ता को आज पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। अभिषेक गुप्ता से पुलिस पूछताछ कर रही है। उसके खिलाफ भाजपा के नाम पर अधिकारियों को धमकाने के साथ ही धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अभिषेक के खिलाफ धारा 419, 420, 500 आईपीसी के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। एसएसपी ने बताया कि शुक्रवार को पूर्वान्ह करीब 11 बजे के बाद गाजीपुर पुलिस ने धारा 161 सीआरपीसी के तहत पूछताछ के हिरासत में लिया है। इस बीच अभिषेक ने कहा है कि उसे न्याय देने के बजाया फंसाया जा रहा है। उसने कहा है कि न्याय न मिला तो आत्महत्या कर लेगा।