
लखनऊ सहित प्रदेश में कोहरा-बारिश का असर, 48 घंटों में बदलेगा मौसम का मिज़ाज (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
UP Rain Weather Update: उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से प्रदेश के मौसम में आगामी 48 घंटों के दौरान बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। जहां एक ओर न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर सुबह के समय घने से बहुत घने कोहरे ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के कई हिस्सों में कोहरा और हल्की बारिश जैसी परिस्थितियां बनी हुई हैं।
पिछले कुछ दिनों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही थी, जिसके चलते कई जिलों में शीतलहर का प्रकोप बना हुआ था। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद अब इस गिरावट पर विराम लग गया है। मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान में आंशिक वृद्धि के चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चल रही शीतलहर अब समाप्त हो चुकी है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों जैसे हरदोई, बाराबंकी और बलिया में बीती रात शीतलहर जैसी स्थिति बनी रही। विशेष रूप से हरदोई में 4.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो इस मौसम की अब तक की सबसे ठंडी रात मानी जा रही है।
मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले 48 घंटों में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में क्रमिक रूप से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे रात में चल रही शीतलहर की परिस्थितियों में भले ही सुधार देखने को मिले, लेकिन घना कोहरा दिन के तापमान को प्रभावित करता रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि कोहरे की मोटी परत सूर्य की किरणों को जमीन तक पहुंचने में बाधा बन रही है, जिससे दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सुबह के समय घने से बहुत घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है। कई स्थानों पर दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हुआ है। हालांकि दिन चढ़ने के साथ कुछ स्थानों पर देर से कोहरा छंट जाता है और मौसम कुछ समय के लिए खुशगवार हो जाता है, लेकिन शाम होते ही ठंड का असर फिर बढ़ने लगता है। देर से धूप निकलने और जल्दी सूर्यास्त के कारण ठंड का अहसास लगातार बना रहेगा।
घने कोहरे का सबसे अधिक असर यातायात व्यवस्था पर देखने को मिल रहा है। कई ट्रेनों के समय में देरी हुई है, वहीं राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर वाहनों की रफ्तार थमी हुई है। प्रशासन ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने, फॉग लाइट का प्रयोग करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। डॉक्टरों का कहना है कि अचानक तापमान में बदलाव और नमी के कारण सर्दी, खांसी और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, 20 जनवरी से प्रदेश में कोहरे की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। इसके साथ ही दिन के तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिससे ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 22 जनवरी से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जो 23 जनवरी तक प्रदेश के मध्यवर्ती हिस्सों तक पहुंच सकता है। इस बारिश से न केवल मौसम में नमी बढ़ेगी बल्कि तापमान में भी व्यापक सुधार की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश रबी की फसलों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है, हालांकि कोहरे और नमी के चलते किसानों को फसलों में रोग लगने की आशंका को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तर प्रदेश में पड़ रही भीषण ठंड में 20 जनवरी के बाद व्यापक सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि तब तक घने कोहरे के कारण आम जनजीवन प्रभावित रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम से जुड़े ताज़ा अपडेट पर नज़र बनाए रखें और आवश्यक सावधानियां बरतें।
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Published on:
18 Jan 2026 07:58 am

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