
लखनऊ में दामाद की हत्या के बाद पहुंची पुलिस। तस्वीर में दाएं तरफ आरोपी तीर्थराज सिंह।
लखनऊ में पिता ने अपनी ही बेटी और मासूम नातिन के सामने दामाद को पटरे से पीट-पीटकर मार डाला। बेटी ने चार साल पहले प्रेम विवाह किया था। इसके बाद से घर वाले दामाद से नाराज चल रहे थे। मृतक की पहचान प्रतापगढ़ के सांगीपुर निवासी विष्णु यादव (32) के रूप में हुई है। वह फूड डिलीवरी कंपनी में काम करता था। मंगलवार रात वह पत्नी के साथ अपनी छोटी बेटी को नाना-नानी से मिलवाने के लिए ससुराल आया था। घटना आशियाना की है।
आशियाना सेक्टर-I के तीर्थराज सिंह वकील हैं। परिवार में पत्नी सरोज और 5 बेटियों- राधा, साक्षी, रत्ना, ज्योति और विधि सिंह हैं। मझली बेटी साक्षी ने प्रतापगढ़ के सांगीपुर निवासी विष्णु यादव (32) ने चार साल पहले लव मैरिज की थी। तीरथ राज इस शादी के खिलाफ थे। तब से ही दामाद और बेटी से नाराज चल रहे थे।
विष्णु अपनी पत्नी साक्षी और तीन वर्षीय बेटी अर्चिता के साथ प्रतापगढ़ में रहता था। मंगलवार को साक्षी की जिद पर विष्णु परिवार के साथ ससुराल पहुंचा था। खाना खाने के बाद रात करीब 10 बजे उसका ससुर तीर्थराज से विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला हिंसा में बदल गया। आरोप है कि गुस्से में ससुर ने चारपाई का लकड़ी का पटरा उठाया और दामाद के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से विष्णु खून से लथपथ होकर गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वारदात के दौरान बीच-बचाव करने आई पत्नी को भी घायल हो गई। तीन साल की बच्ची यह पूरी घटना देखती रही।
घर से चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस ने आरोपी वकील और परिवार के अन्य सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रेम विवाह के कारण दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ था। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि करीब डेढ़ साल पहले भी दोनों के बीच विवाद हुआ था, तब तीर्थराज ने विष्णु पर चाकू से हमला कर दिया था, लेकिन उस समय कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई थी।
वहीं, करीब दो साल पहले विष्णु पर अपनी साली के अपहरण का आरोप लगा था, जिसके चलते वह जेल भी गया था। लगभग एक साल पहले रिहा होने के बाद ससुर और दामाद के रिश्ते और ज्यादा खराब हो गए थे। बताया जाता है कि तीर्थराज विष्णु को बिल्कुल पसंद नहीं करते थे और उससे मिलना भी नहीं चाहते थे।
Updated on:
18 Mar 2026 01:51 pm
Published on:
18 Mar 2026 12:02 pm
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