
अखिलेश यादव ने यूजीसी नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद दी प्रतिक्रिया
अखिलेश ने भाजपा को न केवल लोकतंत्र विरोधी करार दिया, बल्कि निवेश समझौतों (MoU) और तकनीक के इस्तेमाल पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने साफ कहा कि जैसे-जैसे चुनाव करीब आ रहे हैं, भाजपा की बौखलाहट बढ़ती जा रही है।
अखिलेश यादव ने प्रदेश में हो रहे निवेश समझौतों की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए एक चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के नाम पर बड़ा खेल चल रहा है। सपा अध्यक्ष के मुताबिक, एक कंपनी जो साल 2025 में बनी, उसने 2026 में सरकार के साथ 25 हजार करोड़ रुपये का एमओयू साइन कर लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन निदेशकों की कोई व्यावसायिक साख नहीं है, उन्हें इतना बड़ा प्रोजेक्ट कैसे मिल गया? अखिलेश ने इसे प्रदेश को बर्बाद करने वाला 'फर्जी एमओयू' करार दिया और कहा कि पहले भी ऐसे कई मामले पकड़े जा चुके हैं।
तकनीक के मुद्दे पर बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई का उपयोग खेती, किसानी और जनकल्याण के लिए होना चाहिए था, लेकिन भाजपा इसका इस्तेमाल विपक्ष की आवाज दबाने और उनके खिलाफ साजिश रचने में कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को डराने के लिए उन पर फर्जी मुकदमे दर्ज करा रही है और अवैध कार्रवाइयों के जरिए लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है।
अखिलेश यादव ने एक बार फिर अपने 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले की ताकत को दोहराया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को अब सोते-जागते सिर्फ पीडीए ही दिखाई देता है। लोकसभा चुनाव में मिली हार की हताशा और 2027 में सत्ता से बाहर होने के डर ने भाजपा को बेचैन कर दिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जनता के बीच जाएं और सरकार की नाकामियों को उजागर करें।
चुनावी मिशन को धार देने के लिए समाजवादी पार्टी ने सांगठनिक स्तर पर भी बड़े बदलाव शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में जालौन की रुक्मिणी देवी निषाद को समाजवादी महिला सभा उत्तर प्रदेश का नया प्रदेश अध्यक्ष नामित किया गया है। पार्टी ने उन्हें 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर विशेष लक्ष्य सौंपे हैं, ताकि महिला वोटर्स के बीच सपा की पकड़ को और मजबूत किया जा सके।
त्योहारों की बधाई के साथ सत्य की जीत का संदेश
सियासी हमले के बीच अखिलेश यादव ने प्रदेशवासियों को दुर्गाष्टमी और रामनवमी के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रभु श्रीराम के चरित्र को अनुकरणीय बताते हुए कहा कि यह पर्व अन्याय के विरुद्ध सत्य की जीत का प्रतीक है। उनके इस बयान को राजनीतिक गलियारों में 'अन्याय' के खिलाफ समाजवादी संघर्ष के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
Published on:
25 Mar 2026 11:27 pm
बड़ी खबरें
View Allसमाचार
ट्रेंडिंग
