20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

 घर लौटे अमरनाथ यात्रियों के छलके आंसू… झेलना पड़ा यह सब, देखिये तसवीरें

हम लोगों को बात बात पर यह एहसास दिलाया जा रहा था की हम हिंदुस्तानी हैं, कश्मीर हमारा नहीं

3 min read
Google source verification

image

Santoshi Das

Jul 12, 2016

amarnath pilgrims

amarnath pilgrims


संतोषी दास/ पत्रिका विशेष
लखनऊ.
हम लोगों को बात बात पर यह एहसास दिलाया जा रहा था की हम हिंदुस्तानी हैं, कश्मीर हमारा नहीं। अपने आतंक से घाटी में दहशत फ़ैलाने वाले आतंकवादी बुरहान वानी को कश्मीर के बच्चे से लेकर बड़े शहीद मान रहे हैं। बुरहान के मौत से गुस्साए कश्मीरी आवाम अमरनाथ यात्रियों को पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगवाने के लिए भी मजबूर कर रहे थे। हिंदुस्तान का बताकर यात्रियों से होटल, खाने-पीने के सामान, ट्रेवल में चार गुना पैसे वसूले जा रहे थे। ऐसे में यात्रियों के लिए कश्मीर में एक पल ठहरने में घुटन महसूस हो रही थी। यात्रियों को बस अपनों से मिलने की बेताबी थी। आतंक के दहशत से दिल की धड़कने बढ़ गई थीं। अमरनाथ यात्रा में फंसे लखनऊ के कुछ यात्रियों ने अपने दर्द पत्रिका के साथ साझा किए।

amarnath pilgrims

बालागंज निवासी दीपक पाठक ने सात जुलाई के बाद भड़के हालत का जायजा पहले ही फ़ोन से दिया था। अब वह अपने घर लौट आये हैं और उन्होंने जलते कश्मीर के हालत से रूबरू कराया। घर में मां और बहन से मिलते ही उनके आँखों से आंसू छलक गए। बेटे को सुरक्षित वापस लौटा देख उन्होंने बेटे को गले से लगा लिया।



दीपक ने बताया की कश्मीरी लोग कश्मीर को हिन्दुस्तान का हिस्सा नहीं मानते। आतंकी हमले के बाद यात्रियों को बहुत परेशानी हुई। कश्मीरियों ने यात्रियों से कई गुने पैसे वसूले। खाना-पानी सब कुछ चार गुना महंगा हो गया। बात बात पर हम लोगों को सुनाया जा रहा था की बुरहान वानी भाई जान शहीद हो गए। कश्मीर की जनता का समर्थन उस आतंकवादी के साथ है।




बीएसएफ के जवान ना होते तो यात्रा मुश्किल

amarnath pilgrims

दीपक ने बताया की कर्फ्यू लगने के बाद आर्मी के जवानों ने यात्रियों की बहुत मदद की। सच मायने में अगर आर्मी ना हो तो अमरनाथ यात्रा करना यात्रियों के लिए मुश्किल है। कश्मीरी यात्रियों से मनमाना व्यव्हार कर रहे हैं। अमरनाथ में फंसे हुए यात्रियों से जबरन पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे तक लगवाए गए। लोग इन सब से इतने डर गए की अब कश्मीर जाने से पहले लोग दस बार सोचेंगे।


यात्रियों पर फेंके गए पत्थर और गुम्मे

amarnath pilgrims

श्री बर्फानीश्वर महादेव सेवा समिति के प्रधान कैलाश नाथ शर्मा ने बताया की करीब 35000 अमरनाथ यात्री जो बालटाल में फंसे थे उनमे से 20000 यात्रियों को सोमवार की आधी रात तक जम्मू के लिए रवाना किया गया I कई यात्री ऐसे थे जिनके पास एक भी रूपए नहीं बचे थे। लोग काफी परेशान हालत में थे। उन्होंने बताया की यात्रियों से भरे बसों और ट्रक में दहशतगर्दों ने पत्थर और गुम्मों से हमला किया। यात्रियों को घायल करने की कोशिश की गई। बालटाल से जम्मू का किराया भी मनमानी कर 5000 से 6000 रूपये वसूला गया। सभी खाद्य एवं पीने के पानी एवं ठहरने की व्यवस्था का मन माँगा पैसा वसूला जा रहा है।

amarnath yatra

बालटाल और पुष्पोत्री में फंसे हुए हैं यात्री

बालटाल और पुष्पोत्री में लखनऊ के यात्री फंसे हुए हैं। इनमें नीरज यादव, प्रयांक शुक्ल बालटाल में और सुरेन्द्र यादव, विवेक यादव, सुनील शर्मा, नीलू शर्मा पुष्पोत्री में फंसे हैं I

यह भी पढ़िए
ये लड़की अंधेरे में करती है है ऐसी हरकत, वीडियो देख हैरान रह जाएंगे

माता की भक्ति और घंटे का रहस्य! आखिर क्या है घंटा चढाने और बजाने का राज?