
Amidst speculations of cabinet expansion, CM Yogi meet governor again
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कैबिनेट विस्तार की अटकलों के बीच एक बार फिर सीएम योगी ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मुलाकात की। कैबिनेट विस्तार को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं इसलिए दोनों की मुलाकात कैबिनेट विस्तार के ही सिलसिले में हुई है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही महीने का समय बचा है। ऐसे में राजनीतिक समीकरण साधने के लिए कैबिनेट विस्तार किया जा सकता है। कई नेताओं की मौत के बाद योगी कैबिनेट में पद खाली हैं, ऐसे में जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है। योगी सरकार में मंत्री कमला रानी, चेतन चौहान और विजय कश्यप का कोरोना की वजह से निधन हो गया था। इसके बाद कैबिनेट में कई सीटें खाली हो गई हैं।
सीएम योगी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की इस बार दूसरी मुलाकात हुई है। इससे पहले दोनों लोगों की 27 मई को भी मुलाकात हुई की थी। करीब 50 मिनट तक हुई बैठक में सीएम योगी ने गवर्नर को कोरोना महामारी के दौरान किए गए इंतजामों की भी जानकारी दी थी। राज्यपाल से पहले सीएम योगी ने दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और पीएम मोदी से भी मुलाकात की थी। इस दौरान यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की गई थी। गुरुवार को सीएम योगी ने गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी।
22 अगस्त 2019 को हुआ था कैबिनेट विस्तार
19 मार्च 2017 को यूपी में योगी सरकार बनी थी। उसके बाद 22 अगस्त 2019 को योगी कैबिनेट का विस्तार हुआ था, उनकी कैबिनेट में 56 सदस्य थे। करोना संक्रमण की वजह से तीन मंत्रियों का निधन हो गया। अब एक बार फिर से योगी कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज हो गई हैं। वहीं हाल ही में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए जतिन प्रसाद को कैबिनेट में अहम पद मिलने की भी चर्चा तेज हो गई है।
विधानसभा चुनाव को लेकर बढ़ी भाजपा की चिंता
यूपी सरकार में अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। मौजूदा मंत्रिमंडल में 23 कैबिनेट मंत्री, 9 स्वतंत्र प्रभार मंत्री और 22 राज्यमंत्री हैं, यानी कुल 54 मंत्री हैं। इस हिसाब से 6 मंत्री पद अभी भी खाली हैं। ऐसे में योगी सरकार अगर अपने कैबिनेट से किसी भी मंत्री को नहीं हटाती है तो भी 6 नए मंत्री बनाए जा सकते हैं। चुनावी साल है इसलिए योगी सरकार कैबिनेट में कुछ नए लोगों को शामिल कर प्रदेश के सियासी समीकरण को साधने का दांव चल सकती है। कोरोना महामारी में सिस्टम की नाकामी से उपजे असंतोष और पंचायत चुनाव में मिली हार के बाद से भाजपा की चिंता अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बढ़ गई है।
Published on:
14 Jun 2021 04:09 pm
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