
UP Board result
लखनऊ. UP Board 2018 परीक्षा के नतीजे सामने आ चुके हैं। दसवीं में 75.46 प्रतिशत बच्चे तो वहीं इंटरमीडिएट 72.43 बच्चे पास हुए हैं। योगी सरकार ने सत्ता में आने के बाद पूर्व सरकार पर नकल के कई आरोप भी लगाए थे। इस तर्क के बाद ही कई फ़र्ज़ी नामांकन रद्द भी किये गए। करीब 11 लाख बच्चों ने यूपी बोर्ड परीक्षा नहीं दी। विपक्ष ने इस मुद्दे पर छात्रों का भविष्य खराब करना का आरोप वर्तमान सरकार पर लगाया। इस बीच चलिए आपको बताते हैं कि समाजवादी सरकार और भाजपा सरकार में आए नतीजों में क्या अंतर रहा ।
सपा सरकार के मुकाबला भाजपा सरकार में अधिक बच्चे फेल हुए हैं। 2017 की यूपी बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल में 81.18 प्रतिशत छात्र पास हुए जबकि 2018 में हाईस्कूल 75.16 प्रतिशत छात्र पास हुए । वहीँ 2017 इंटरमीडिएट परीक्षा में 82.62 प्रतिशत स्टूडेंट पास हुए थे जबकि 2018 में इंटर का रिजल्ट 72.43 प्रतिशत रहा ।
वहीं बात टॉप करने वाले वालों की करें तो इस बार सर्वाधिक अंक लाने वाले पिछली सरकार में सर्वाधिक अंक लाने वालों से पीछे रहे। 2017 की परीक्षा में प्रियांशी को 96.2 हासिल हुए जबकि 2018 में अंजलि वर्मा को 96.1 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं ।
बताते चलें कि छात्र upresults.nic.in या results.patrika.com पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं । इन वेबसाइट्स पर सबसे तेज नतीजे आप देख सकते हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि यूपी बोर्ड का रिजल्ट इतनी जल्दी आया हो। आमतौर पर ये रिजल्ट जून महीने के मध्य में जारी किया जाता था। दरअसल यूपी सरकार ने बोर्ड को आदेश दिया था कि नतीजे अप्रैल महीने तक घोषित कर दिए जाएं। ताकि 10वीं पास विद्यार्थियों की 11वीं पढ़ाई समय से शुरू हो सके और 12वीं पास विद्यार्थी को उच्च शिक्षा से जुड़ा फैसला लेने के लिए ज्यादा समय मिल सके।
Published on:
29 Apr 2018 04:26 pm
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