
अनूप चंद्र पाण्डेय होने नए चीफ सेक्रेटरी, ये होंगी चुनौतियाँ
लखनऊ. अनूप चंद्र पाण्डेय उत्तर प्रदेश के नए मुख्य सचिव होंगे। सरकार ने उनका नाम फाइनल कर दिया है। वे वर्तमान मुख्य सचिव राजीव कुमार की जगह लेंगे। राजीव कुमार 1981 बैच के अफसर हैं और इसी माह रिटायर हो रहे हैं। इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि राजीव कुमार को सेवा विस्तार दिया जाएगा लेकिन बुधवार को साफ हो गया कि सरकार उन्हें सेवा विस्तार नहीं देने जा रही है। अब वर्तमान में औद्योगिक विकास आयुक्त के पद पर तैनात अनूप चंद्र पाण्डेय की मुख्य सचिव पद पर तैनाती फाइनल हो गई है। इससे पहले कई अन्य अफसर भी मुख्य सचिव पद की रेस में शामिल थे।
इन्वेस्टर्स समिट में निभाई थी मुख्य भूमिका
अनूप चंद्र पाण्डेय 1984 बैच के आईएएस अफसर हैं। औद्योगिक विकास आयुक्त पद की जिम्मेदारी संभालने से पहले वे शासन में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रह चुके हैं। उत्तर प्रदेश में आयोजित इन्वेस्टर्स मीट में उन्होंने मुख्य भूमिका अदा की थी और सरकार ने इस पूरे आयोजन के लिए उनकी काफी सराहना भी की थी। उत्तर प्रदेश में उद्यमियों को आकर्षित करने के लिए नई नीतियां बनाने से लेकर कंपनियों के एमओयू तक में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और यूपी में औद्योगिक निवेश के लिए कई अभिनव पहल किये। अपनी कार्यशैली के चलते वे सरकार की गुडलिस्ट में शामिल रहे हैं।
योजनाओं का क्रियान्वयन होगी बड़ी चुनौती
वर्तमान में प्रदेश के मुख्य सचिव के रूप में तैनाती के बाद पाण्डेय पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी। प्रदेश में औद्योगिक निवेश के माहौल को बेहतर करने सहित उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी। उत्तर प्रदेश में नौकरशाही में भितरखाने अक्सर बन रहे टकराव की स्थिति को डील करने होते विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से जमीन पर उतारने के लिए अफसरों को सक्रिय करना भी उनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी। अगले वर्ष होने जा रहे लोकसभा चुनाव से पहले सरकार को अपनी योजनाओं का रिपोर्ट कार्ड लेकर जनता के बीच जाना होगा और मुख्य सचिव पर इस बात की भी जिम्मेदारी होगी कि वे सरकार के रिपोर्ट कार्ड को बेहतर करने के लिए योजनाओं को तेज गति दें।
Updated on:
27 Jun 2018 06:40 pm
Published on:
27 Jun 2018 05:38 pm

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