
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बने अभी मुश्किल से 9 महीने का ही समय हुआ है। सरकार में शामिल दलों ने आक्रामक तेवर अपना लिए हैं। योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट में मंत्री ओम प्रकाश राजभर (भासपा) और केंद्रीय कैबिनेट मंत्री अनुप्रिया पटेल (अपना दल एस) ने उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ बगावती तेवर अपना लिए हैं। ओम प्रकाश राजभर अति पिछड़ों और अति दलितों को आरक्षण में भागीदारी के मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं, तो मोदी कैबिनेट की मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए योगी सरकार को अल्टीमेटम दिया है।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर पांच नवंबर को राजधानी के रमाबाई अंबेडकर मैदान में महारैली कर सरकार को ताकत दिखाएंगे। उनकी मांग है कि सरकारी नौकरियों में अति पिछड़ों और अति दलितों की उचित भागीदारी मिले। मंत्री ने सरकार को हिदायद देते हुए कहा है कि सरकारी विभागों के खाली पड़े पदों पर तब तक कोई भर्ती न की जाए, जब तक आरक्षण का वर्गीकरण न हो जाए।
आरक्षण में इन जातियों का हो वर्गीकरण
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि वर्ष 1990 से पिछड़ी जातियों के लिए 27 फीसदी आरक्षण की बात हो रही है, लेकिन इस लाभ कुछ जातियों को ही मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राजभर, चौहान, मौर्या, कुशवाहा, प्रजापति, पाल, नाईं गौड़, कहार, गोसाईं, बिंद, केवट, मल्लाह, तुरहा, गुप्ता, चौरसिया, लोहार, कोहार और बियार आदि जातियों को अभी तक आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है। इसी तरह दलित श्रेणी में आने वाले मुसहर, बांसफोर, डोम, मेहतर, पासवान, कमकर, धोबी, पासी, खटिक और नट जातियों जातियों को अनुसूचित जाति के तहत 22.5 फीसदी आरक्षण में हिस्सेदारी नहीं मिल पाई है।
कहा- पीएम-सीएम और राष्ट्रपति हो चुकी है बात
गाजीपुर की जहूराबाद सीट से विधायक व योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि जब तक अति पिछड़ी जातियों, अति दलितों के तहत आने वाली सभी जातियों को मिलने वाले आरक्षण का वर्गीकरण नहीं हो जाता, वे लड़ाई लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि बाबत वह राष्ट्रपति रामनाथ कोबिंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिल चुके हैं। बताया कि राष्ट्रपति ने आरक्षण में जातियों के वर्गीकरण की बात कही है।
इसलिए नाराज हैं अनुप्रिया पटेल
इलाहाबाद में हो रहीं आपराधिक घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि इलाहाबाद में एक साजिश के तहत हत्या की घटनाएं हो रही हैं। ऐसी घटनाओं के पीछे कौन लोग हैं, राज्य सरकार इस पर प्रभावी कार्रवाई करे। अनुप्रिया पटेल ने कहा कि यूपी में कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब है। अपना दल के कार्यकर्ताओं की हत्या हो रही है और पुलिस खुलासा करने में विफल है। उन्होंने प्रदेश सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर सरकार इन घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करती है तो अपना दल (एस) के कार्यकर्ता 07 नवंबर को लखनऊ में पटेल प्रतिमा के सामने उपवास पर बैठेंगे। स्थानीय सूत्रों की मानें तो अपना दल (एस) के कार्यकर्ताओं ने अनुप्रिया पटेल से शिकायत की है कि शासन-प्रशासन इनकी बातों को अनसुना कर जाता है। इसलिए भी अनुप्रिया पटेल खासी नाराज हैं।
यूपी चुनाव में भासपा को 4, अपना दल को 9 सीटें मिली थीं
उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को चार और अपना दल (एस) को नौ सीटें मिली थीं। वहीं, भाजपा ने 312 सीटों पर जीत का परचम लहराया था।
Updated on:
01 Nov 2017 02:05 pm
Published on:
01 Nov 2017 01:42 pm
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