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गुटखा, बीड़ी, सिगरेट तम्बाकू की खोलना चाहते हैं दुकान, तो लाइसेंस के लिए नगर निगम में करना होगा आवेदन, ये है प्रक्रिया

गुटखा, बीड़ी, सिगरेट तम्बाकू जैसे उत्पाद दुकान खोलकर बेचने के लिए लखनऊ नगर निगम में लाइसेंस के लिए आवेदन करना होगा।

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लखनऊ

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Neeraj Patel

Sep 14, 2019

गुटखा, बीड़ी, सिगरेट तम्बाकू की खोलना चाहते हैं दुकान, तो लाइसेंस के लिए नगर निगम में करना होगा आवेदन, ये है प्रक्रिया

गुटखा, बीड़ी, सिगरेट तम्बाकू की खोलना चाहते हैं दुकान, तो लाइसेंस के लिए नगर निगम में करना होगा आवेदन, ये है प्रक्रिया

लखनऊ. अगर दुकानदार अपने घर में या कहीं भी किराए पर दुकान खोलकर गुटखा, बीड़ी, सिगरेट तम्बाकू बेचना चाहते हैं तो उसके लिए उसे सबसे पहले लखनऊ नगर निगम में गुटका, बीड़ी, सिगरेट तम्बाकू के लाइसेंस के लिए आवेदन करना होगा। जब तक किसी दुकानदार को नगर निगम स्वीकृति नहीं दे देता तब तक वह गुटका, बीड़ी, सिगरेट तम्बाकू की दुकान बिना लाइसेंस के नहीं खोल सकेंगा। अगर कोई दुकानदार बिना लाइसेंस के गुटका, बीड़ी, सिगरेट तम्बाकू उत्पाद बेचते हुए पाया जाता है तो उस पर शासन द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी और साथ ही उस पर 2 से 5 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

इन कागजात की पड़ेगी जरूरत

अगर आप अपने घर में गुटखा, बीड़ी, सिगरेट तम्बाकू को खोलना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको नगर निगम से लाइसेंस बनवाना होगा। लाइसेंस बनवाने के लिए दुकानदार को अपना आधार कार्ड, पहचान पत्र, राशन कार्ड, वोटर आईडी, निवास प्रमाण प्रमाण पत्र, पैन कार्ड और बैंक पासबुक की फोटो कॉपी आदि कागजात नगर निगम में जमा करने होंगे। इसके कुछ दिनों बाद नगर निगम अपनी पूरी प्रक्रिया करके दुकानदार को लाइसेंसे प्रदान करेगा। तभी आपके द्वारा चलाई जा रही दुकान को लीगल माना जाएगा। नहीं तो आप पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। इसलिए गुटका, बीड़ी, सिगरेट तम्बाकू उत्पाद बेचने से पहले लाइसेंस जरूर बनवा लें।

जानें कितना लगेगा जुर्माना

इस मामले में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक कुमार सिंह का कहना है कि उप समिति की रिपोर्ट को नगर निगम सदन के समक्ष रखा जाएगा। लाइसेंस न बनवाने पर गुटका, बीड़ी, सिगरेट तम्बाकू उत्पाद के नियमों का उल्लंघन करने पर दुकानदारों से 2000 जुर्माना बसूल किया जाएगा और साथ ही सारी सामग्री जब्त कर ली जाएगी। अगर वह दुकानदार दूसरी बार भी बिना लाइसेंस के पकड़ा जाता है तो उसकों 5000 का जुर्माना राशि भरनी होगी और तीसरी बार में भी पकड़ा जाता है। तो उसको पांच हजार जुर्माना के रूप में नगर निगम को देने होंगे और इसके साथ ही सारी सामग्री जब्त कर ली जाएगी और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

लाइसेंसे के लिए इतनी लगेगी फीस

अगर कोई दुकानदार फेरी नीति का लाइसेंस बनवाना चाहता हैं तो गुटखा, बीड़ी, सिगरेट तम्बाकू के लाइसेंस के लिए पंजीकरण शुल्क के रूप में 7200 रुपए आवेदन करते समय जमा करने होंगे और जब भी लाइसेंस का नवीनीकरण होगा तब भी उसको शुल्क के रूप में 7200 रुपए नवानीकरण के लिए आवेदन करते समय देने होंगे। अस्थाई दुकानों से वार्षिक पंजीकरण प्रतिवर्ष 200 रुपए और नवीनीकरण स्थाई दुकानों से वार्षिक पंजीकरण प्रतिवर्ष 1000 रुपए लिया जाएगा और नवीनीकरण के लिए 200 रुपए लिए जाएंगे। वहीं थोक दुकानदारों के लिए पंजीकरण शुल्क 5000 रुपए और नवीनीकरण के लिए भी 5000 रुपए पंजीकरण शुल्क निर्धारित की गई है।

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