
सहारनपुर का युवक 5 दिन की रिमांड पर
Lucknow News: लखनऊ में आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS से जुड़े एक बड़े मामले में महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। एनआईए कोर्ट ने सहारनपुर के रहने वाले हारिश अली को 5 दिन की रिमांड पर एटीएस को सौंप दिया है। यह रिमांड 28 मार्च तक चलेगी। एटीएस अब हारिश से गहन पूछताछ करेगी। एजेंसियां उसके आतंकी नेटवर्क, फंडिंग के स्रोत और अन्य संदिग्ध लोगों के बारे में जानकारी निकालने की कोशिश करेंगी। हारिश पर युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए जिहाद के लिए उकसाने और ISIS की कट्टर विचारधारा फैलाने का आरोप है।
हारिश अली सहारनपुर जिले के मनक मऊ इलाके का रहने वाला है। वह मुरादाबाद के एक निजी मेडिकल कॉलेज में बीडीएस (दंत चिकित्सा) का दूसरा वर्ष का छात्र है। पढ़ाई के साथ-साथ वह कट्टरपंथी गतिविधियों में सक्रिय था। एटीएस की जांच में पता चला कि हारिश इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए युवाओं से संपर्क करता था। वह उन्हें ISIS से जोड़ने और शरिया कानून आधारित ख़िलाफत स्थापित करने की कोशिश कर रहा था। उसने “अल इत्तेहाद मीडिया फाउंडेशन” जैसे फर्जी नामों से ग्रुप बनाए थे, जिनमें ISIS की प्रचार सामग्री शेयर की जाती थी।
हारिश को 15-16 मार्च 2026 को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया गया था। शुरुआती पूछताछ में वह ज्यादा कुछ नहीं बता रहा था, इसलिए एटीएस ने कोर्ट से रिमांड की मांग की। गिरफ्तारी के बाद उसके ठिकाने से मोबाइल फोन, आईपैड, पेन ड्राइव और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए। इनमें संदिग्ध चैट, वीडियो, ISIS से जुड़ी सामग्री और अन्य अहम सुराग मिले हैं। डिजिटल फॉरेंसिक जांच चल रही है।
जांच एजेंसियों को शक है कि हारिश को क्रिप्टोकरेंसी के जरिए फंडिंग मिल रही थी। इस पैसे का इस्तेमाल वह प्रचार-प्रसार और नेटवर्क मजबूत करने में कर रहा था। इसके अलावा, उसने कश्मीर में एक सप्ताह का प्रशिक्षण लेने की बात भी कही है। इससे एजेंसियां और ज्यादा सतर्क हो गई हैं। एटीएस का मानना है कि उसके संपर्क में कई अन्य युवक भी थे, जिनकी पहचान की जा रही है।
एटीएस अब हारिश को सहारनपुर और मुरादाबाद ले जाकर पूछताछ करेगी। इन जगहों पर उसके संपर्कों और गतिविधियों से जुड़े सबूत मिलने की उम्मीद है। 28 मार्च तक रिमांड पूरी होने के बाद हारिश को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। उसके बाद उसे जेल भेजा जा सकता है। एजेंसियां उम्मीद कर रही हैं कि इस रिमांड के दौरान कई बड़े खुलासे होंगे, जिससे पूरा आतंकी नेटवर्क उजागर हो सकेगा।
Updated on:
24 Mar 2026 10:11 am
Published on:
24 Mar 2026 10:11 am
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