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लॉकडाउन हटते ही श्रीरामलला मंदिर निर्माण में आएगी तेजी, बैंक खाते के बाद जारी हुआ ट्रस्ट का लोगो

- घरों में बैठकर दूरभाष के जरिए अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाने की बन रही रणनीति...

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लखनऊ

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Nitin Srivastva

Apr 08, 2020

लॉकडाउन हटते ही श्रीरामलला मंदिर निर्माण में आएगी तेजी, जारी हुआ ट्रस्ट का लोगो

लॉकडाउन हटते ही श्रीरामलला मंदिर निर्माण में आएगी तेजी, जारी हुआ ट्रस्ट का लोगो

सत्य प्रकाश


अयोध्या. कोरोना संक्रमण के प्रकोप के कारण इस समय पूरे देश में लॉकडाउन है। ऐसे में मंदिर निर्माण का कार्य भी रुका हुआ है, लेकिन रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट लगातार अपने सभी कागजी कार्य पूरा करने में लगा हुआ है। जिससे लॉकडाउन हटते ही श्रीरामलला मंदिर निर्माण में तेजी आ सके और भव्य राम मंदिर का भक्तों का इंतजार ज्यादा लंबा न खिचें। इसी क्रम में पहले श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपना बैंक खाता सार्वजनिक किया, उसके बाद मंगलवार को उसने मंदिर निर्माण का लोगो भी जारी कर दिया। इसके अलावा ट्रस्ट के अधिकारी और साधू-संत भी घरों में बैठकर लगातार दूरभाष के जरिए मंदिर निर्माण की रणनीति बना रहे हैं। माना जा रहा है कि मंदिर निर्माण के बाद यह लोगो प्रतीक के रूप में मुख्य द्वार पर अंकित होगा। लोगो में भगवान श्री राम के साथ हनुमान का भी जिक्र करते हुए देश के नाम संदेश अंकित है। साथ ही इसे किसी एक्सपर्ट द्वारा नहीं बल्कि स्थानीय कार्यकर्ताओं के द्वारा बनाया गया है।

लोगो में हनुमान जी भी अंकित

इस लोगो में सूर्यवंशी प्रतीक के साथ भगवान राम और उनके भक्त हनुमान जी को अंकित किया गया है। इसके साथ ही लोगो में नीचे रामो विग्रहवान धर्म: भी अंकित है। धार्मिक एक्सपर्ट की मानें तो लोगो में नीचे लिखे सूत्र वाल्मीकि रामायण के अरण्यकांड का पूरा श्लोक है। यह श्लोक उस समय का है जब रावण राम को दोषी ठहराते हुए मारीच से सीता के अपहरण में सहायता चाहता है। सहायता देने से पूर्व मारीच रावण को भला बुरा कहते हैं, जिसका व्याख्यान इस श्लोक में अंकित है। वाल्मीकीय रामायण के अरण्य कांड का यह पूरा श्लोक इस प्रकार है, रामो विग्रहवान धर्म:/ साधु: सत्य पराक्रम:/ राजा सर्वस्य लोकस्य/ देवानामिव वासव:। श्लोक की शाब्दिक व्याख्या के अनुसार श्री राम धर्म के मूर्तिमान स्वरूप हैं। वे साधु और सत्य पराक्रमी हैं। जैसे इंद्र समस्त देवताओं के अधिपति हैं, उसी तरह श्री राम भी संपूर्ण जगत के राजा हैं।

नवयुवकों ने तैयार किया लोगो

रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस लोगो को जारी करते हुए बताया कि ये किसी बड़े एक्सपर्ट ने नहीं बनाया। यह लोगो 30 वर्ष से कम के सामान्य नवयुवकों ने इसे तैयार किया है। यह लोगों आपस में बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। इस लोगों को तैयार करते वक्त ध्यान में था कि भगवान राम का लोगो बनाना है इसलिए उनकी फोटो होनी चाहिए। तो एक शख्स ने पहले तो श्रारीम का स्केच तैयार किया। यह स्केच कंप्यूटर के द्वारा नहीं बल्कि हाथ से डिजाइन किया गया। तो वहीं दूसरे युवक ने भगवान राम को सूर्यवंशी बताया, जिसके आधार पर सूर्य की कल्पना को भी अंकित किया गया। सूर्य का अर्थ है गोल इसलिए सूर्य के बीच में भगवान राम को रखा गया। तो वहीं अगले ने भगवान राम को किस प्रकार से संदेश देने की बात कही तो उसमें लोगों में नीचे स्तुति लिखी। जिसका संदेश है कि अगर धर्म को देखना है तो भगवान राम को देखो। चंपत राय के मुताबिक धर्म उसे कहते हैं जिससे समाज की रक्षा हो और समाज को वह स्थायित्व देता हो। इस लोगो में देश के प्रति भक्ति भाव किस तरह से अर्पित हो, यह संदेश देने के लिए हनुमान जी महाराज को भी अंकित किया गया है। तो इस प्रकार लोगो आपसी बातचीत के आधार पर युवकों ने तैयार किया है और इसको रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपना लोगो माना है।

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