
ऐसे चेक करें मुफ़्त इलाज, आयुष्मान योजना में आपका नाम शामिल है या नहीं
लखनऊ. उत्तर प्रदेश सहित अन्य सभी राज्यों के 445 जिलों में कल से प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) लागू हो जाएगी। इसके तहत 10 करोड़ परिवारों यानी करीब 50 करोड़ लोगों को सालाना 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। इनमें से करीब 8 करोड़ ग्रामीण परिवार हैं तो करीब 2.4 करोड़ शहरी परिवार हैं। योजना के तहत के आने वाले हर साल सरकारी या निजी अस्पताल में प्रति साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज करा सकेंगे। इस स्कीम की शुरुआत के साथ ही देश के 10,000 सरकारी और निजी अस्पतालों में गरीबों के लिए 2.65 लाख बेड की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
इस योजना का इस तरह उठाएं लाभ
1. मोबाइल नंबर व राशन कार्ड नंबर
योजना लागू करने के लिए गरीब लोगों के मोबाइल नंबर और राशन कार्ड नंबर इकट्ठे किए गए थे। आपका नाम योजना में है या नहीं इसके लिए वेबसाइट mera.pmjay.gov.in पर जाएं। अपना चालू मोबाइल नंबर और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा लेटर्स डालें और Generate OTP बटन पर क्लिक करें। इसके बाद आपको टेक्स्ट मेसेज के माध्यम से आपके मोबाइल पर ओटीपी मिलेगा। ओटीपी डालकर Verify OTP पर क्लिक करें। एक पेज खुलेगा, जिसमें आपकी डिटेल होगी कि आप योजना के तहत आते हैं।
2. SICC नाम (सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना)
mera.pmjay.gov.in वेबसाइट पर SICC नाम से भी सर्च किया जा सकता है। SICC नाम का मतलब सोशल इकनॉमिक कास्ट सेंसस (एसईसीसी) डेटाबेस की डीटेल्स जैसे नाम, पिता का नाम, लिंग, राज्य आदि। इसके बाद भी अगर आपका नाम नहीं दिखा रहा है तो फिर नजदीकी आयुष्मान मित्र से संपर्क करें। 14,000 आरोग्य मित्रों को अस्पतालों में तैनात किया गया है।
3. RSBY नंबर
अगर एसईसीसी की डीटेल्स से भी सर्च में कोई रिजल्ट नहीं आता है तो अपने राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना यूनीक रजिस्ट्रेशन नंबर (RSBY यूआरएन) का इस्तेमाल करके अपनी पात्रता का पता लगा सकते हैं। अगर सर्च करने पर रिजल्ट में आपका नाम आ जाता है तो Get SMS बटन पर क्लिक करें और मोबाइल नंबर डालें। उस पर एचएचआईडी नंबर/आरएसबीवआई यूआरएन नंबर के साथ एक टेक्स्ट मेसेज आ जाएगा जिसका भविष्य में आप इस्तेमाल कर सकते हैं।
आधार कार्ड नहीं है जरूरी
इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है। आप पात्र हैं तो आपको बस अपनी पहचान स्थापित करनी होगी, जिसे आप आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र या राशन कार्ड जैसे पहचान पत्रों से स्थापित कर सकते हैं।
ऐसे करें क्लेम
योजना में शामिल हर अस्पताल में 'आयुष्मान मित्र हेल्प डेस्क' होगा। वहां लाभार्थी अपनी पात्रता को डॉक्युमेंट्स के जरिए वेरिफाई कर सकेगा। इलाज के लिए किसी स्पेशल कार्ड की जरूरत नहीं पड़ेगी, सिर्फ लाभार्थी को अपनी पहचान स्थापित करनी होगी। पात्र लाभार्थी को इलाज के लिए अस्पताल को एक पैसे भी नहीं देने होंगे। इलाज पूरी तरह कैशलैश होगा।
कौन सा अस्पताल, कौन सा इलाज
करीब 10 हजार अस्पतालों को इस स्कीम के लिए चुना जा चुका हैं, जिनमें सरकारी और प्राइवेट दोनों अस्पताल शामिल हैं। इलाज के कुल 1,354 पैकेज हैं, जिसमें कैंसर सर्जरी व कीमोथेरपी, रेडिएशन थेरपी, हार्ट बाइपास सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, रीढ़ की सर्जरी, दांतों की सर्जरी, आंखों की सर्जरी और एमआरआई और सीटी स्कैन जैसे जांच शामिल हैं।
मदद के लिए मिलेंगे ये अस्पताल
नैशनल हेल्थ एजेंसी ने 14,000 आरोग्य मित्रों को अस्पतालों में तैनात किया है। ये मरीजों की पहचान सत्यापित करेंगे और इलाज के दौरान मदद करेंगे। लाभार्थियों के वेरिफिकेशन में इन आरोग्य मित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। किसी भी समस्या के समाधान के लिए भी इन लोगों से संपर्क कर सकेंगे।
अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 14555 पर कॉल करके बात कर सकते हैं।
Published on:
24 Sept 2018 11:49 am
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