लखनऊ. सपा सरकार में पूर्व मंत्री रहे आजम खान (azam khan) और उनके स्वार सीट से विधायक बेटे मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान (mohammad abdullah azam khan) पर गत विधानसभा चुनाव में कई फर्जी दस्तावेज देने का गंभीर आरोप लगाया गया है। पूर्व मंत्री शिव बहादुर सक्सेना के पुत्र आकाश कुमार सक्सेना ने कई अहम दस्तावेजों का हवाला देते हुए आजम और अब्दुल्लाह पर चुनाव आयोग और आयकर विभाग से धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि आजम खान ने अपने बेटे को विधायक चुनाव लड़ाने के लिए दो फर्जी पैन कार्ड (pan card) और फर्जी आयु प्रमाण पत्र (age certificate) तैयार करवाया। इस आधार पर दोनों के खिलाफ कानून कार्रवाई सहित अब्दुल्लाह का निर्वाचन रद्द करने की मांग की गई।
फर्जी पैन कार्ड और आयु प्रमाण पत्र पर भरा नामांकनआकाश कुमार ने लखनऊ प्रेस क्लब में बताया कि स्वार विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ने के लिए मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान ने 24 जनवरी को नामांकन किया था। इसमें भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission) के व अन्य नियमों का जानबुझ कर उल्लखंन किया गया। उन्होंने दावा किया कि अब्दुल्ला के पास दो पैन कार्ड व दो अलग-अलग आयु प्रमाण पत्र हैं। अब्दुल्ला के नाम पर एक पैन कार्ड DFOPK6164K और दूसरा DWAPK7512R नंबर पर जारी हुआ हैं। निर्वाचन आयोग को भेजी गई शिकायत में बताया गया है कि अब्दुल्ला ने पहला पैन कार्ड साल 2013 में व दूसरा साल 2015 में गलत तरीके से आय छुपाने के लिए बनवाया गया। वहीं सीबीएससी बोर्ड की दसवीं कक्षा की साल 2007 की मार्कशीट में अब्दुल्लाह की पैदाईश 1-01-1993 में तो लखनऊ नगर निमग द्वारा साल 2015 में जारी किए गए प्रमाण पत्र में 30-09-1990 बताई गई है। कुमार ने कहा कि आजम खान ने अपने बेटे अब्दुल्ला के नामांकन में सत्ता के प्रभाव का प्रयोग करते हुए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। ताकि बेटे की उम्र को विधायक का चुनाव लड़ने की उम्र के पात्र बनाया जा सकें।

रद्द हो सकता है अब्दुल्ला का विधानसभा निर्वाचनस्वार से विधायक मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान के खिलाफ भारत निर्वाचन आयोग, उप्र को शिकायत भेजी गई है। इसमें निर्वाचन आयोग को बताया गया है कि अब्दुल्ला ने आयकर, जन्म प्रमाण व नामांकन पत्र सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों में हेर-फेर किया है। उनके द्वारा आयु से जुड़ी गलत जानकारी दी गई है। बोर्ड की मार्कशीट के मुताबिक नामांक के दौरान अब्दुल्ला आजम खान की उम्र भी 25 वर्ष से कम थी। आकाश कुमार ने कहा कि ऐसे में उनका नामांकन नियमविरुद्ध और गैर संवैधानिक है। इस तथ्य की पुष्टि करने के बाद निवार्चन आयोग अब्दुल्ला का विधानसभा निर्वाचन भी रद्द कर सकता है।
पिता-पुत्र पर दर्ज करने की मांगआकाश कुमार ने यहां कहा कि आजम खान और उनके बेटे ने नामांकन में फर्जी दस्तावेज दिए हैं। इसलिए इन दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए। साथ ही इनका निर्वाचन जल्द से जल्द रद्द होना चाहिए।