
रेलवे अधिकारियों से बात करते जीतन राम मांझी (फोटो- X@jitanrammanjhi)
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने ट्रेन यात्रा के दौरान बिहारी यात्रियों को होने वाली भीड़भाड़ और खराब हालात को देखकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने नई दिल्ली से प्रयागराज की अपनी यात्रा के दौरान देखे गए दृश्यों को सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसमें लाखों बिहारी यात्रियों की रोजाना की मुश्किलों को उजागर किया गया। मांझी ने न सिर्फ रेलवे को सुझाव दिए, बल्कि केंद्र सरकार से ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की मांग भी की।
गुरुवार, 29 जनवरी को जब केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे, तो प्लेटफॉर्म पर भारी भीड़ देखकर हैरान रह गए। उन्हें एहसास हुआ कि दिल्ली और बिहार के बीच चलने वाली 12 से 13 ट्रेनें बिहार आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या के लिए बहुत कम हैं।
मांझी ने खुद ट्रेन से यात्रा की और इस यात्रा के दौरान उन्होंने सीमित संसाधनों के कारण यात्रियों को होने वाली दिक्कतों को करीब से देखा। मजदूर, छात्र और कम सैलरी वाली नौकरी करने वाले लोग भीड़भाड़ वाले जनरल कोच में यात्रा करने को मजबूर हैं।
जीतन राम मांझी ने यह पूरा अनुभव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया। उन्होंने लिखा, "दिल्ली से प्रयागराज की यात्रा के दौरान नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर महसूस हुआ कि नई दिल्ली से बिहार जाने वाली करीब 12–13 ट्रेनें, बिहार से आने-जाने वाले यात्रियों की भारी संख्या के मुकाबले अपर्याप्त हैं।"
मांझी ने आगे लिखा, "जिस तरह हमारी NDA सरकार ने पिछले 10 सालों में रेल की आधुनिकीकरण और आम जन की सुविधाओं के लिए ऐतिहासिक काम किए है उसको ध्यान में रखकर अगर बिहार से दिल्ली आने जाने वाले लाखों यात्रियों के लिए ट्रेनों और सामान्य (जनरल) बोगियों की संख्या को और बढ़ा दिया जाए तो सोने पे सुहागा हो जाएगा।"
जीतन राम मांझी ने अपने इस पोस्ट में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेल मंत्रालय और प्राधानमंत्री कार्यालय को टैग किया है।
मांझी का यह बयान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा मोदी सरकार का आम बजट पेश करने से ठीक दो दिन पहले आया है। इस संदर्भ में रेलवे सुविधाओं से जुड़ी यह मांग और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिलहाल, दिल्ली और बिहार के अलग-अलग शहरों के बीच रोजाना लगभग डेढ़ से दो दर्जन ट्रेनें चलती हैं। इसके अलावा, कुछ साप्ताहिक और स्पेशल ट्रेनें भी चलती हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या उपलब्ध क्षमता से कहीं ज्यादा है।
दिल्ली-NCR के साथ-साथ देश के लगभग हर बड़े शहर में बड़ी संख्या में प्रवासी बिहारी रहते हैं। इस वजह से त्योहारों, परीक्षाओं और काम के लिए बिहार आने-जाने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसी स्थिति में, अतिरिक्त ट्रेनें और जनरल कोच न सिर्फ राहत देंगे बल्कि भीड़भाड़ और अव्यवस्था को कम करने में भी मदद करेंगे।
Published on:
30 Jan 2026 01:38 pm

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