Culture and Tourism in UP: उत्तर प्रदेश में विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुकी संस्कृति और लोक कलाओं को संवारने के लिए यूपी सरकार ने पहल की है। इन कलाओं और संस्कृति को संवारने में जुटे लोगों को 5 लाख रुपए का अनुदान दिया जाएगा।
Culture and Tourism in UP: उत्तर प्रदेश में विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुकी संस्कृति और लोक कलाओं को संवारने के लिए यूपी सरकार ने पहल की है। इन कलाओं और संस्कृति को संवारने में जुटे लोगों को 5 लाख रुपए का अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए यूपी की योगी सरकार ने पूरा खाका खींच लिया है। प्रत्येक जिले के डीएम की अध्यक्षता में कमेटी का गठन भी किया जा चुका है। आइए बताते हैं सरकार की इस योजना का लाभ आपको कैसे मिल सकता है।
अन्तर्राष्ट्रीय राष्ट्रीय महत्व के जाने माने पर्यटन स्थलों के आसपास 50 किमी के रेंज में उप्र की स्थानीय पारम्परिक और दुर्लभ होती जा रही लुप्तप्राय कला, संगीत, शिल्प, लोकनृत्य और व्यंजनों के संरक्षण, संवर्धन व पुनर्जीवित करने में लगे हुए व्यक्तियों व समूह को 05 लाख रूपये तक का एकमुश्त अनुदान दिया जाएगा।
यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि नई पर्यटन नीति-2022 में इस आशय की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने बताया कि यूपी अपने सांस्कृतिक विविधता के लिए पूरे देश में जाना जाता है।
यहां पर विभिन्न प्रकार की लोक कलायें, व्यंजन, भेष भूषा, कला संगीत उपलब्ध हैं। कुछ लोक कलायें विलुप्त की कगार पर पहुंच चुकी हैं। भावी पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार इनके संरक्षण के लिए प्रयास कर रही है। पर्यटन मंत्री ने बताया कि संस्कृति विभाग ने इन कलाओं के संरक्षण में लगे हुए लोगों और समूहों को प्रोत्साहित करने के लिए 5 लाख रुपए अनुदान के रूप में देने का निर्णय लिया है।
इसके लिए संस्कृति विभाग के समन्वय से पर्यटन विभाग लुप्त हो रही कला, नृत्य, संगीत, शिल्प, लोकनृत्य और व्यंजनों की सूची प्रकाशित कराएगा। संबंधित जिले के डीएम की अध्यक्षता में गठित जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद इसके लाभार्थियों के नाम की संस्तुति करेगी। यह प्रोत्साहन राशि प्रत्येक वित्तीय वर्ष में प्रत्येक मण्डल के अधिकतम 10 आवेदकों को पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा।