
मदरसा पाठ्यक्रम के आधुनिकीकरण का विरोध कट्टरपंथी सोच: बीजेपी
लखनऊ. बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने मदरसों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किये जाने के निर्णय को कैबिनेट मंजूरी दिये जाने पर योगी सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने लगातार यह झूठ प्रसारित किया था कि भाजपा एक मजहब विशेष की विरोधी है और डराकर वोट बैंक पाॅलिटिक्स और तुष्टिकरण की राजनीति करती है लेकिन केन्द्र की मोदी सरकार व प्रदेश की योगी सरकार ने इस झूठ की पोल खोलकर रख दी है। भाजपा ने सबका साथ-सबका विकास केवल का नारा ही नहीं दिया बल्कि इसे योजनाओं में उतार कर सिद्ध भी किया है।
योगी सरकार बनते ही मदरसा बोर्ड पोर्टल बनाकर मदरसों का पंजीकरण अनिवार्य करने से भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई। 10वीं और 12वीं कक्षा में 4.77 लाख विद्यार्थियों के आंकडे से 2 लाख फर्जी नाम स्वतः बाहर हो गए जिनके नाम पर छात्रवृत्ति की बंदरबांट हुआ करती थी। योगी सरकार मदरसा आधुनिकीकरण करके मुस्लिम समाज के विद्यार्थियों को दीनी तालीम के साथ ही राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक विषयों की पढ़ाई का अवसर मुहैया कराने के लिए कटिबद्ध है। यह दुर्भाग्य है कि कट्टरपंथी मौलानाओं और संकीर्ण सोच रखने वाले विपक्षी दलों को विकास के इस निर्णय में भी खामी नजर आ रही है।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा की मंशा है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को बिना किसी जाति, धर्म व संप्रदाय के भेदभाव के विकास के समान अवसर मिले। सभी को आधुनिक शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है विपक्षी दल मुस्लिम युवाओं को राजनीतिक इस्तेमाल तक ही सीमित रखना चाहते है। इसीलिए वोट बैंक मानकर आधुनिक शिक्षा से वंचित रखना चाहते हैं क्योंकि आधुनिक शिक्षा तर्कशक्ति विकसित करेगी जो आर्थिक, सामाजिक पिछडापन भी दूर करेगी और राजनैतिक नेतृत्व भी विकसित करेगी। केन्द्र की मोदी व प्रदेश की योगी सरकार चाहती है कि मुस्लिम युवाओं के एक हाथ में पवित्र कुरान और दूसरे में कम्पयूटर हो। योगी सरकार एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करने के साथ ही मदरसों में शिक्षकों की नियुक्त भी करेगी।
Published on:
23 May 2018 10:56 pm
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