लखनऊ

Businessman Suicide: 36 की उम्र में 15 करोड़ का कर्ज, एफबी लाइव किया और ख़ुद को मार ली गोली

Real Estate Businessman Suicide:  लखनऊ के गुडंबा क्षेत्र में एक रियल एस्टेट कारोबारी शहवाज सिद्दीकी ने 15 करोड़ के कर्ज से तंग आकर फेसबुक लाइव के दौरान खुद को गोली मार ली। मौत से पहले भावुक वीडियो में उन्होंने परिवार से माफी मांगी और सरकार व समाज से आर्थिक मदद की अपील की।

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Jul 10, 2025
Went live before suicide, asked for ₹30 crore help for family Photo source: Social Media

Businessman suicide Lucknow: गुडम्बा थाना क्षेत्र के टेढ़ी पुलिया स्थित सैनिक प्लाजा में बुधवार की दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब 45 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी शहवाज सिद्दीकी ने अपने दफ्तर में गार्ड की बंदूक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से कुछ मिनट पहले शहवाज ने फेसबुक पर लाइव आकर अपना दर्द साझा किया और अपने भारी कर्ज को कारण बताया।

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फेसबुक लाइव में सुनाई दर्द भरी दास्तान

दोपहर लगभग 4:30 बजे शहवाज ने फेसबुक पर लाइव होकर कहा, "मैं बहुत परेशान हूं। मैंने बहुत कोशिश की, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। मेरी सभी से अपील है कि मेरे परिवार की मदद करें। मैं आज अपनी जिंदगी खत्म कर रहा हूं, ताकि मेरे परिवार को और तकलीफ न हो।"

लाइव के दौरान उन्होंने अपने परिचितों पर फंसाने और परेशान करने का आरोप लगाया। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उद्योगपति मुकेश अंबानी, रतन टाटा, अभिनेता सलमान खान आदि से उनके परिवार को 30 करोड़ रुपये की मदद देने की गुहार भी लगाई। उन्होंने कहा कि उनके पास देनदारी चुकाने के लिए कोई साधन नहीं बचा है।

15 करोड़ के कर्ज से था दबाव

शहवाज के छोटे भाई शहनवाज ने बताया कि उनके भाई पिछले ढाई साल से मानसिक तनाव में चल रहे थे। किसान पथ के पास बाराबंकी सीमा में उन्होंने कई साथियों के साथ मिलकर एक हाउसिंग प्रोजेक्ट शुरू किया था। आठ बीघा जमीन में विकसित की गई इस कॉलोनी में कई लोगों को प्लॉट बेचे जा चुके थे, लेकिन निर्माण कार्य और कब्जा देने में देरी के चलते ग्राहक दबाव बना रहे थे। भाई के मुताबिक प्लॉट खरीददार कब्जा न मिलने पर पैसे वापस मांग रहे थे और कुछ लोगों ने कानूनी दबाव भी बनाया। इसी तनाव में आकर शहवाज लगातार डिप्रेशन में चले गए। उनके ऊपर करीब 15 करोड़ रुपये की देनदारी थी।

गार्ड को भेजा बाहर, फिर उठाया आत्मघाती कदम

शहवाज दोपहर अपने सैनिक प्लाजा स्थित दफ्तर पहुंचे थे। थोड़ी देर बैठने के बाद उन्होंने सुरक्षा गार्ड चोखेलाल उर्फ विजय को कोल्ड ड्रिंक लाने भेज दिया। इसी बीच उन्होंने लाइव वीडियो रिकॉर्ड किया और फिर गार्ड की लाइसेंसी बंदूक से खुद को कनपटी पर गोली मार ली। गार्ड जब लौटकर आया तो उसने दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई जवाब नहीं मिलने पर उसने अन्य लोगों को बुलाकर दरवाजा खुलवाया। अंदर का नजारा देख सबके होश उड़ गए। शहवाज कुर्सी पर मृत अवस्था में पड़े थे, सिर से खून बह रहा था और पास में बंदूक पड़ी थी।

दो बार किया वीडियो पोस्ट, आत्महत्या से पहले किया खुलासा

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि शहवाज ने आत्महत्या करने से पहले दो वीडियो पोस्ट किए थे। पहला वीडियो दोपहर 12:44 बजे और दूसरा 4:43 बजे फेसबुक पर शेयर किया गया। इन वीडियो में उन्होंने अपने कर्ज का उल्लेख किया और बताया कि किस प्रकार उन्हें रिटायर्ड दरोगा एलके तोमर समेत कुछ लोगों ने प्रताड़ित किया। शहवाज ने कहा, "तोमर ने मुझे बर्बाद कर दिया। रिटायर होने के बाद प्रॉपर्टी का काम शुरू किया और मुझे इसमें फंसा दिया।"

पुलिस जांच में जुटी, बंदूक जब्त

मौके पर गुडम्बा इंस्पेक्टर प्रभातेश कुमार श्रीवास्तव और एसीपी अनिद्य विक्रम सिंह पुलिस टीम व फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के साथ पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से बंदूक और अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है, लेकिन मृतक के वीडियो में लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी। अभी तक परिवार की ओर से कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई है।

परिवार से मांगी माफी

फेसबुक लाइव के दौरान शहवाज ने अपने पिता, पत्नी, बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों से माफी मांगी। उन्होंने कहा, "मैं अच्छा बेटा, अच्छा पिता, अच्छा पति नहीं बन पाया। लेकिन मैं चाहता हूं कि मेरे बाद मेरा परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सके।"

सोशल मीडिया पर भावुक संदेशों की बाढ़

घटना के बाद शहवाज का फेसबुक वीडियो वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर लोग उनके आत्मघाती कदम को लेकर दुख व्यक्त कर रहे हैं और सिस्टम पर सवाल उठा रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि अगर समय रहते किसी ने मदद की होती, तो शायद शहवाज की जान बचाई जा सकती थी।

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता जरूरी

मनोचिकित्सक डॉ. प्रियंका मिश्रा ने कहा कि यह घटना इस बात का प्रमाण है कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में गंभीरता नहीं है। कर्ज या वित्तीय संकट से जूझ रहे व्यक्ति को सहारा देने के बजाय अक्सर समाज उसे अकेला छोड़ देता है। शहवाज जैसे मामलों को रोका जा सकता है, यदि समय पर मदद मिले।

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