
जांच में पता चला कि काउंसिलिंग कराने वाली एजेंसी ने हार्ड ***** में छेड़छाड़ की है। दूसरे राज्य के छात्रों के आवेदन संख्या और परीक्षा में मिले नंबर पर उत्तर प्रदेश के छात्रों के नाम और अन्य डाक्यूमेंट अपलोड कर दिए। उसी हिसाब से एडमिशन दिलाया गया।
जांच में 22 ऐसे अभ्यर्थी मिलें हैं, जिनका नीट 2021 में परीक्षा दिए बिना ही एडमिशन हो गया। आयुर्वेद, होम्योपैथ और यूनानी के कुल 891 छात्रों के दाखिले में गड़बड़ी की रिपोर्ट देते हुए आयुर्वेद निदेशक प्रो. एसएन सिंह ने केस दर्ज कराया है। इसमें काउंसिलिंग कराने वाली संस्था अपट्रॉन, उसके द्वारा तय की गई वेंडर एजेंसी वी3 सॉल्यूशन और उसके प्रतिनिधि कुलदीप सिंह व अन्य नामजद हैं। मामले की जांच एसटीएफ कर रही है। अब इसकी जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति की गई है।
आयुर्वेद निदेशक प्रो. एसएन सिंह सहित दो निलंबित
आयुर्वेद निदेशक प्रो. एसएन सिंह और प्रभारी अधिकारी डॉ. उमाकांत यादव को सस्पेंड कर दिया गया है। होम्योपैथिक विभाग के संयुक्त निदेशक प्रो. विजय पुष्कर और यूनानी विभाग के प्रभारी अधिकारी प्रो. मोहम्मद वसीम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रो. पुष्कर और प्रो. मोहम्मद वसीम अपने-अपने विभाग के काउंसिलिंग प्रभारी थे।
एक दर्जन लोगों से पूछताछ
एसटीएफ ने सोमवार को काउंसिलिंग कराने वाली एजेंसी अपट्रॉन व उसके वेंडर वी थ्री सॉल्युशन से जुड़े एक दर्जन लोगों से पूछताछ की है। पूछताछ का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहेगा। अब तक की पूछताछ में एसटीएफ को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिसे सत्यापित किया जा रहा है। मामले की जांच के लिए एसटीएफ ने अलग-अलग टीमें बनाई हैं। अलग अलग टीमें एजेंसी से जुड़े लोगों से इस पूरे घपले की जानकारी जुटा रहे हैं। इसमें किसको कितने पैसे मिले? मास्टर माइंड कौन था? यह सब पता लगाया जा रहा है।
Published on:
08 Nov 2022 12:27 pm

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