
Yogi
लखनऊ। कर्नाटक दौरा निरस्त कर आगरा और कानपुर नगर व देहात का निरीक्षण करने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देष दिए हैं कि तूफान से आहत लोगों के यहां तुरंत राहत पहुंचाई जाए। उन्होंने 10 मई तक बिजली की लाइने ठीक करने और टेंकर लगा कर जलापूर्ति करने के आदेष दिए हैं। लखनउ में उन्होंने इसकी निगरानी के लिए अधिकारियों की टीम लगा दी है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज आगरा के जिला चिकित्सालय जाकर आंधी-तूफान की आपदा में घायल लोगों से मुलाकात की। जनपद के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के पश्चात् मुख्यमंत्री जी ने तहसील-खेरागढ़ के ग्राम बुरहरा व तहसील-फतेहाबाद के ग्राम शाहबेद में जाकर आपदा प्रभावित लोगों व मृतक के परिजनों को राहत धनराशि के चेक वितरित किए। उन्होंने मृतकों के परिजनों से भंेट कर उन्हें सांत्वना भी दी। साथ ही, सदर तहसील के ग्राम धांधूपुर जाकर विद्युत तार गिरने से मृतक के परिजनांे को भी सांत्वना दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोग जिनके मकान क्षतिग्रस्त हैं, और गिर सकते हैं, उन्हें भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जा सकता है। शहरी क्षेत्रों में जहां जमीन उपलब्ध है, वहां भी प्रधानमंत्री आवास योजना के आवास दिए जा रहे हैं। उन्होंने विद्युत विभाग से क्षतिग्रस्त पोलों व बाधित विद्युत आपूर्ति की जानकारी प्राप्त की तथा निर्देशित किया कि 10 मई, 2018 तक विद्युत लाइनें निश्चित रूप से ठीक करा दी जाएं। उन्होंने विशेष हिदायत दी कि क्षतिग्रस्त विद्युत खम्भों में विद्युत आपूर्ति न होने पाये, जिससे कोई घटना न घटे।
मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि आपदा प्रभावित तहसीलों जहां सड़कों पर बड़े-बड़े पेड़ गिर गये हैं, उन्हें तत्काल हटवाया जाए। जिन क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां पर टैंकर आदि से पेयजल की व्यवस्था की जाय। रिबोर हैण्डपम्पों की समीक्षा कर ली जाए। ऐसे परिवार जिनके आवास पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये हों और रहने की व्यवस्था नहीं है, ऐसे प्रभावित परिवारों को रहने की व्यवस्था की जाए। साथ ही, साथ खाद्यान्न सामग्री व तेल आदि उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम विभाग की एडवाइजरी के अनुसार लोगों व पशुओं के लिए सुरक्षित स्थान की व्यवस्था कर ली जाए। आपदा आने पर प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध करायी जाए। राहत और बचाव कार्यों में स्वयं सेवी संगठनों का भी सहयोग लिया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि एस0एन0 मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल में आपदा से घायल लोगों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, भोजन की व्यवस्था भी की जाए। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था भी की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद की आपदा प्रभावित तहसीलों में राजस्व व विद्युत देयों की वसूली स्थगित करा दी जाए। उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्र के निराश्रित विवाह योग्य कन्याओं का विवाह मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत कराने, दिव्यांगजन को आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने तथा पात्रों को विभिन्न पेंशन योजनाओं के अन्तर्गत आच्छादित करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत लोगों को समय से मुआवजा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। फसल व बागवानी को हुई क्षति का आकलन कराकर प्रभावित लोगों को सहायता दी जाए। गेहंू क्रय केन्द्रों के संचालन के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करते हुए उन्होंने कहा कि तिलहन व दलहन के क्रय केन्द्रों की व्यवस्था का व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराया जाए।
बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधिगण ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने फतेहाबाद-तहसील अन्तर्गत जंगजीत विद्यालय गढ़ी हीरालाल शाहवेद में आए भयंकर चक्रवाती तूफान से हुई जनहानि, त्रासदी से पीडि़त व्यक्तियों के परिवारों को सहायता राशि के चेक वितरित किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार दैवीय आपदा से पीडि़त परिवारों के दुख-दर्द में साथ खड़ी है, दैवीय आपदा के मृतकों को वापस तो नहीं लाया जा सकता लेकिन प्रदेश सरकार पीडि़त परिवारों की हर संभव मदद करेगी। राज्य सरकार की पीडि़त परिवारों के साथ पूरी संवेदना है। प्रभावित क्षेत्र फतेहाबाद ?, खेरागढ़ में राजस्व, विद्युत की वसूली स्थगित रहेगी। क्षेत्र में फसल, बागवानी, पशुधन के हुए नुकसान का एक सप्ताह में सर्वे कराकर पीडि़त किसानों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर मुआवजे की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीडि़तों के साथ है तथा उन्हें हर सम्भव मदद दिलायी जायेगी। किसी भी पीडि़त को मुआवजा पाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि चक्रवाती तूफान के बाद जिला प्रशासन को पीडि़त परिवारों को 24 घंटे के भीतर राहत उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए थे, जिसके तहत 98 प्रतिशत पीडि़तों को राहत उपलब्ध कराई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि चक्रवाती तूफान से लगभग 800 विद्युत के पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिस कारण विद्युत आपूर्ति बाधित है। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए कि सर्वोच्च प्राथमिकता पर नए पोल स्थापित कर विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि चक्रवात के कारण नीम, बबूल, पीपल, बरगद, आम के बड़े-बड़े पेड़ उखड़ गए हैं, जिस कारण कई मार्गों पर आवागमन बाधित हुआ है जिन्हें तत्काल हटाया जा रहा है।
Published on:
05 May 2018 07:53 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
